पाकिस्तान में राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासत जारी है। इस बीच, देश के पूर्व पीएम इमरान खान द्वारा समर्थित प्रत्याशी महमूद खान अचकजई ने राष्ट्रपति चुनाव को स्थगित करने की मांग की है। उन्होंने आरक्षित सीटों के खाली रहने का हवाला देते हुए अपनी दलील दी कि राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव का निर्वाचक मंडल अभी अधूरा है ऐसे में चुनाव को फिलहाल स्थगित करना चाहिए।
गौरतलब है कि इमरान खान ने पश्तून ख्वा मिल्ली अवामी पार्टी के प्रमुख महमूद खान अचकजई को अपना समर्थन देकर चुनावी मैदान में उतारा है। 75 साल के अचकजई पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता आसिफ अली जरदारी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। देश में राष्ट्रपति चुनाव कल यानी शनिवार को होना है। ईसीपी के अनुसार, मतदान संसद और प्रांतीय विधानसभाओं की इमारतों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बिना किसी रुकावट के शुरू होगा।
जानकारी के मुताबिक, अचकजई ने पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) को इस बाबत एक पत्र लिखा है। इसमें बताया गया कि राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं में कुछ आरक्षित सीटें थीं जो खाली अभी भी खाली हैं। ऐसे में अगर राष्ट्रपति चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होता है तो इसमें उन वोटों का प्रतिनिधित्व नहीं होगा, जो मौलिक अधिकारों, कानून और संविधान के खिलाफ है। पत्र में यह भी कहा गया है कि निर्वाचक मंडल का पूरा होना तब तक संभव नहीं है जब तक कि आरक्षित सीटों के सदस्यों का चुनाव नहीं हो जाता। हालांकि, ईसीपी ने पीटीआई समर्थित स्वतंत्र रूप से निर्वाचित सदस्यों के इसमें शामिल होने के बाद आरक्षित सीटों में अपने हिस्से के लिए सुन्नी इत्तेहाद परिषद की याचिका को खारिज करने के बाद पहले ही सभी आरक्षित सीटें विभिन्न पार्टियों को आवंटित कर दी हैं।
पीटीआई समर्थित है एसआईसी
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी चुनाव चिह्न क्रिकेट बैट का आवंटन नहीं होने के कारण चुनाव में सीधे तौर पर भाग नहीं ले सकी थी। इसकी वजह से उसने निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा था। जीत हासिल करने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल हो गए। बता दें, सुन्नी इत्तेहाद परिषद मुस्लिम बहुल देश में इस्लामी राजनीतिक और धार्मिक दलों का गठबंधन है, जो सुन्नी अनुयायियों का प्रतिनिधित्व करता है।
दरअसल, पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें अपने नाम की थीं, लेकिन वे बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाए थे। इस वजह से पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएलएन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने घोषणा कर दी थी कि वे गठबंधन सरकार बनाएंगे।
कैसे रहे थे संसदीय चुनाव परिणाम
चुनावों में जेल में बंद इमरान खान की पीटीआई पार्टी की ओर से समर्थित उम्मीदवारों समेत कुल 93 निर्दलीय प्रत्याशियों ने नेशनल असेंबली की सीटें जीतीं। पीएमएल-एन ने 75 सीटें जीतीं, जबकि पीपीपी 54 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही। मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) ने भी 17 सीटों पर जीत दर्ज की।