इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को पाक सुप्रीम कोर्ट ने उनको बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी को गैरकानूनी करार दिया और उनको शीर्ष अदालत ने तत्काल रिहा करने का आदेश दे दिया। वहीं इससे पहले खूब राजनीति हुई, पीटीआई समर्थकों ने सड़कों पर खूब हंगामा किया। वहीं अब रिहाई से पहले इमरान खान और उनकी पार्टी नेता मुसर्रत जावेद चीमा के बीच एक कथित ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑडियो रिकॉर्डिंग उनकी रिहाई से पहले की है जिसमें इमरान खान अपनी पार्टी नेता से कह रहे हैं कि इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के मुख्य न्यायाधीश क्या कर रहे हैं वह किससे आदेश ले रहे हैं। कथित फोन पर हुई बातचीत में पूर्व प्रधानमंत्री कथित तौर पर पीटीआई नेता मुसर्रत जावेद चीमा को निर्देश देते हुए सुना जा सकता है।
इमरान खान और मुसर्रत जावेद चीमा के बीच कथित फोन पर हुई बातचीत-
इमरान खान- तो मुसर्रत, क्या हाल है? क्या उन्हें संदेश मिला?
मुसर्रत चीमा: सर, मैंने संदेश दे दिया है। हम यहां हाईकोर्ट में बैठे हैं और कह रहे हैं कि हम किसी भी सूरत में इमरान खान साहब को पेश नहीं करेंगे।
इमरानः लेकिन क्या ख्वाजा हारिस वहां हैं?
मुसर्रत: ख्वाजा हारिस और सलमान सफदर दोनों यहां मेरे साथ हैं। मैं उनके साथ बैठी हूं। यदि आप उनसे बात करना चाहते हैं तो कर सकते हैं।
इमरान: नहीं, मैं उनसे बस इतना कहना चाहता था कि वे आजम स्वाती से बात करें और सुप्रीम कोर्ट को बताएं कि यह दुर्भावनापूर्ण है।
मुसर्रत: हां, बिल्कुल। इसके बारे में चिंता मत करो, सर।
इमरानः ये चीफ जस्टिस क्या कर रहे हैं? उनसे आदेश कौन लेता है?
मुसर्रत चीमा: चाहे एनएबी वाले आएं या कोई और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं सलमान सफदर के ठीक सामने खड़ी हूं। मैं ख्वाजा हारिस और उनके बगल में बैठी हूं। हम ऐसे नहीं छोड़ सकते। हम कोर्ट में रहेंगे। जहां आपके केस की सुनवाई हो रही है... चीफ जस्टिस के साथ।
इमरानः नहीं, लेकिन वह उनसे आदेश लेता है। दूसरी तरफ आजम से बात करें। आपको आजम से बात करनी चाहिए।
मुसर्रत: ठीक है सर। अपना ख्याल रखना।
कथित तौर पर फोन पर रिकॉर्ड की गई बातचीत बुधवार को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा इमरान खान की गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने और अल कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में उनकी तत्काल रिहाई का आदेश देने के एक दिन पहले हुई थी। पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने शीर्ष अदालत में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी, जिसने आज उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया।
एक अन्य लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग में, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट को कवर करने वाले एक वरिष्ठ रिपोर्टर, अब्दुल कय्यूम सिद्दीकी और पीटीआई का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील ख्वाजा तारिक रहीम को कथित तौर पर इमरान खान के संबंध में अदालत के संभावित फैसले पर चर्चा करते हुए सुना जा सकता है।
रिपोर्टर कय्यूम सिद्दीकी और पीटीआई के वकील ख्वाजा तारिक रहीम के बीच कथित फोन पर हुई बातचीत-
रहीम : क्या हाल है ?
सिद्दीकी: कुछ नहीं, उन्होंने सिर्फ आज इमरान खान को लाने के लिए फोन किया था।
रहीम: इमरान खान पर कल तक एक सुरक्षात्मक जमानत जारी की जाएगी। हाईकोर्ट में वह (इमरान खान) चीफ जस्टिस पर आपत्ति जताएंगे। चीफ जस्टिस खुद इसे लिखेंगे और कियानी [मामले को लेने के लिए] चिह्नित करेंगे।
सिद्दीकी: मोहसिन कियानी?
रहीम: हां, मोहसिन कियानी। और मोहसिन कियानी जमानत दे देंगे। और कुछ?
इससे पहले गुरुवार को संघीय सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने भी पीटीआई के अध्यक्ष को राहत देने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि अगर कल अगर जजों के घरों में आग लगा दी जाएगी तो फिर मत कहना।
क्या है अल-कादिर ट्रस्ट केस
सरकार के मुताबिक इमरान खान जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने लैंड माफिया मलिक रियाज को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाया। लंदन में उसके 40 अरब जब्त कराए। बाद में ये पैसा ब्रिटेन सरकार ने पाकिस्तान को सौंप दिया। इमरान खान ने यह जानकारी कैबिनेट को भी नहीं दी।
इसके बाद इमरान ने अल कादिर ट्रस्ट बनाया। इसने मजहबी तालीम देने के लिए अल कादिर यूनिवर्सिटी बनाई। इसके लिए अरबों रुपए की जमीन मलिक रियाज ने दी। बुशरा बीबी को डायमंड रिंग भी गिफ्ट की। बदले में रियाज के तमाम केस खत्म कर दिए गए। उसे करोड़ों रुपए के सरकारी ठेके भी मिले।
होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने कहा- 60 अरब रुपए की चपत सरकारी खजाने को लगी। 13 महीने में एक बार भी इमरान या बुशरा पूछताछ के लिए नहीं आए। 4 साल बाद भी इस यूनिवर्सिटी में 32 स्टूडेंट्स ही हैं।