पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
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देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की परेशानी बढ़ सकती है। अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में पाकिस्तान की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने इमरान खान से पूछताछ की अनुमति दे दी है। शुक्रवार को पारित आदेश में अदालत ने कहा कि जवाबदेही ब्यूरो के अधिकारी जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से चार दिन तक पूछताछ कर सकते हैं। बता दें कि 71 वर्षीय इमरान खान विभिन्न मामलों में 26 सितंबर से ही रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
50 अरब रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामले में इमरान खान के मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के न्यायाधीश मुहम्मद बशीर ने शुक्रवार को उच्च सुरक्षा वाली जेल में सुनवाई की। उन्होंने शारीरिक रिमांड के लिए राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की याचिका को खारिज कर दिया। भ्रष्टाचार विरोधी निकाय के अधिकारी अदियाला जेल के अंदर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी प्रमुख से चार दिन तक पूछताछ कर सकेंगे।
अल-कादिर ट्रस्ट मामला 190 मिलियन पाउंड यानी करीब 50 अरब रुपये के सेटलमेंट का है। आरोप के अनुसार, ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी ने एक पाकिस्तानी प्रॉपर्टी टाइकून से रकम वसूलने के बाद पैसे पाकिस्तान भेजे थे। इमरान खान पर प्रधानमंत्री रहते हुए रकम राष्ट्रीय खजाने में जमा न करने का आरोप है।
उन्होंने कथित तौर पर व्यवसायी की मदद की। जहां कुछ साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने लगभग 450 अरब रुपये का जुर्माना लगाया था। इमरान पर आरोप है कि उन्होंने जुर्माने के आंशिक निपटान के लिए 50 अरब रुपये का उपयोग करने की अनुमति दी थी।
आरोपों के अनुसार इमरान की मदद के बाद कथित तौर पर इस बिजनेस टाइकून ने पंजाब के झेलम जिले के सोहावा क्षेत्र में लगभग 57 एकड़ जमीन उपहार में दी। जमीन अल-कादिर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी द्वारा स्थापित ट्रस्ट को दी गई।
जब अदालत ने इमरान खान से पूछताछ की अनुमति दी, उस समय इस मामले में आरोपी बनाई गईं बुशरा बीबी भी सुनवाई के दौरान मौजूद रहीं। एनएबी के जांच अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया गया है, जवाबदेही अदालत ने उन्हें 21 नवंबर तक मामले में अंतरिम जमानत दे दी। बाद में सुनवाई 21 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई।