सामने यह आया है कि 2020 में मार्च से दिसंबर के बीच अमेरिका में डायबिटीज, हृदय रोग, पक्षाघात, अल्झाइमर आदि जैसे रोगों के कारण भी ज्यादा मौतें हुईं। इनमें भी ब्लैक, मूलवासी और लातीनो अमेरिकियों की संख्या ज्यादा रही। अध्ययनकर्ताओं ने कहा है कि इन मौतों ने अमेरिका में नस्लीय/जातीय गैर-बराबरियों को न सिर्फ ज्यादा उजागर कर दिया है, बल्कि बीमारी और मौत के कारण ये गैर-बराबरियां और अधिक बढ़ भी गई हैं।
अध्ययनकर्ताओं ने जांच के लिए अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) और सेंसस ब्यूरो से जारी मृत्यु प्रमाण पत्रों को आधार बनाया। उन्होंने कहा है महामारी काल में हुई कुल हुई अतिरिक्त मौतों के बजाय सिर्फ कोविड-19 से हुई मौतों पर गौर किया जाए, तो उससे गलत तस्वीर सामने आएगी। उस हाल में महामारी के हुए कुल असर को समझना मुश्किल बना रहेगा। अध्ययन का नेतृत्व मेरेडिथ शील्स ने किया। उन्होंन टीवी चैनल सीएनएन से कहा- ‘हमारे अध्ययन से सामने आए आंकड़े लंबे समय से जारी गैर-बराबरी के गहरे असर पर रोशनी डालते हैँ।’
शील्स ने कहा- ‘महामारी के दौरान इलाज कराने में लोग डर महसूस करते हैं। इस कारण दूसरी बीमारियों से ज्यादा मौतें हुईं। या यह भी हो सकता है कि कोविड-19 के कारण हुई मौतों को भी दूसरी बीमारी से हुई मौत बता दिया गया हो। इसी कारण गैर-कोविड मौतें भी ज्यादा हुईँ।’