चीन ने अगर हांगकांग में विवादास्पद सुरक्षा कानून लागू किया तो यूरोपियन संघ (ईयू) उसके खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट जाएगा। यूरोपियन संसद में शुक्रवार को इस संबंध में मतदान किया गया। इसके साथ ही चीन पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाने की भी अपील की गई है।
इस बीच, चीन ने ईयू के प्रस्ताव पर कड़ा विरोध जताया है। चीनी संसद में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की विदेशी मामलों की समिति के प्रवक्ता यू वेंजे ने कहा कि प्रस्ताव में तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। यह हांगकांग और उसके आंतरिक मामलों में खुला दखल है।
चीन की शीर्ष विधायी निकाय की हाल ही में हुई बैठक में हांगकांग में विवादस्पद सुरक्षा विधेयक पारित करने पर कोई चर्चा नहीं हुई। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) की स्थायी समिति की बैठक में एजेंडे में शामिल कई मुद्दों को निपटाया, लेकिन विधेयक को लेकर कोई उल्लेख नहीं हुआ।
चीन की आधिकारिक न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, गुरुवार को विधेयक को चर्चा के लिए प्रस्तुत किया गया था। इसमें अपराध की चार श्रेणियों उत्तराधिकार, राज्य की शक्ति, स्थानीय आतंकी गतिविधियां और विदेशी या बाहरी ताकतों के साथ मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना। बीजिंग का कहना है कि वह सभी आलोचनाओं के बावजूद हांगकांग में इस विधेयक को लागू कराने को प्रतिबद्ध है।