Human Colony On Moon: चांद पर कुछ ऐसे गड्ढे मिले हैं, जो भविष्य में मानव बस्ती बसाने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। नासा के वैज्ञानिकों की एक टीम ने लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर (एलआरओ) की मदद से इनकी सफल खोज की है। ये गड्ढे पहली बार 2009 में देखे गए थे।
हालांकि अब वैज्ञानिकों ने यह पता लगाया है कि गड्ढों के अंदर तापमान 17 डिग्री के आसपास रहता है, जो मानव के रहने के लिए उपयुक्त है। नासा की वैज्ञानिक नोआ पेट्रो ने कहा कि लूनर पिट्स यानी चांद के गड्ढे बेहद हैरान करते हैं। अगर इनका तापमान लगातार स्थिर रहता है तो यहां इंसानी बस्ती की संभावना है।
इतनी है गहराई...
ये गड्ढे 328 फीट गहरे हैं। इन गड्ढों का तापमान चांद की बाकी सतह से थोड़ा ही बदलता है। हालांकि, इनमें ज्यादा अंतर नहीं आता। नासा की टीम ने चंद्रमा के एक क्षेत्र की लंबाई पर कंप्यूटर मॉडलिंग का इस्तेमाल किया है।
चांद की गुफाओं में भी जीवन संभव...
नासा का मानना है कि भविष्य में चंद्रमा की गुफाओं में रहना भी संभव हो सकता है। ये गुफाएं अनिवार्य रूप से लावा ट्यूब की होंगी, जो पृथ्वी पर भी पाई जाती हैं। लावा ट्यूब तब बनते हैं जब पिघला हुआ लावा ठोस लावा के नीचे बहता है या बहते लावा के ऊपर एक क्त्रस्स्ट बनता है, जिससे एक खोखली सुरंग बनती है। यदि एक ठोस लावा ट्यूब की छत गिरती है, तो यह एक गड्ढा बनाती है।