ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को लाल सागर में एक अमेरिकी विध्वंसक जहाज की तरफ जहाज-रोधी क्रूज मिसाइल दागी, जिसे लड़ाकू विमान ने मार गिराया। हूती का यह हमला अमेरिका व ब्रिटेन की तरफ से गए हालिया प्रहार का पलटवार माना जा रहा है। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने फिलहाल इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। हूती विद्रोही लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर लगातार हमले करते रहे हैं।
क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने का खतरा पैदा
इस्राइल-हमास युद्ध के बीच हूती विद्रोहियों ने एशिया व पश्चिम एशिया के तेल व मालवाहक जहाजों को स्वेज नहर से यूरोप तक जोड़ने वाले महत्वपूर्ण गलियारे में निशाना बनाया है। इससे युद्ध के क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी सेना के मध्य कमान की तरफ से जारी बयान के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के दक्षिणी इलाकों में सक्रिय आर्ले बर्क श्रेणी के विध्वंसक पोत यूएसएस लाबून को निशाना बनाया। हालांकि, मिसाइल को नष्ट कर दिया गया। एजेंसी
लाल सागर से आई थी मिसाइल
मिसाइल लाल सागर के बंदरगाह शहर होदेइदा के पास से आई, जिस पर लंबे समय से हूती विद्रोहियों का कब्जा है। हमले में किसी के हताहत होने या जहाज को नुकसान की सूचना नहीं है। मालूम हो कि अमेरिका के नेतृत्व में हूती विद्रोहियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में शुक्रवार को 28 स्थानों पर हमले किए गए थे। लड़ाकू विमान, युद्धपोतों व एक पनडुब्बी से छोड़ी गईं क्रूज मिसाइलों के जरिये 60 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया था। अमेरिकी सेना ने शनिवार को भी हूती विद्रोहियों के राडार पर हमला किया था।
अदन की खाड़ी में यमन के पास जहाज पर मिसाइल हमला
अदन की खाड़ी में यमन के तट के पास अदन से लगभग 110 मील (177 किलोमीटर) दक्षिण-पूर्व में सोमवार को एक अमेरिकी स्वामित्व वाले वाणिज्यिक जहाज जिब्राल्टर ईगल पर मिसाइल हमला हुआ। जहाज मार्शल आइलैंड्स का ध्वज लगा हुआ है। जहाज का मालिकाना हक कनेक्टिकट के स्टैमफोर्ड स्थित फर्म ईगल बल्क के पास है, जो न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में कारोबार करती है। अधिकारियों ने कहा कि ताजा हमले का भी संदेह पहले की तरह ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर गया है।