हांगकांग में अभी भी कोविड-19 संबंधी प्रतिबंध जारी हैं। लेकिन उससे यहां के रईसों पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। बल्कि वे खुल कर ऐश-ओ-आराम की चीजों की खरीदारी कर रहे हैं। महामारी के शुरुआती दिनों में यहां उपभोक्ता खर्च में गिरावट आई थी। लेकिन अब ऐसा लगता है कि रईस उस दौर की पूरी भरपाई कर रहे हैं। वे विलासिता की चीजों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इसकी वजह से इस साल के पहले छह महीनों में खुदरा बिक्री पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 8.4 फीसदी बढ़ गई। लेकिन यहां पर्यटन का कारोबार अभी भी मंदा है। चीन की मुख्य भूमि से आने वाले सैलानी अब भी यहां आने से तौबा कर रहे हैं।
यहां के बाजार विश्लेषकों का कहना है कि उपभोग में वृद्धि यहां के रईसों की वजह से हुई है। वैसे ये लोग दुनियाभर में घूमने-फिरने को ज्यादा तरजीह देते हैं। लेकिन चूंकि इस समय उतनी आजादी से यात्राएं या पर्यटन नहीं हो सकता, तो वे अपना पैसा यहीं के बाजार में खर्च कर रहे हैं।
कहा जाता है कि 40 साल की उम्र पूरा कर चुका हांगकांग का कोई रईस निवासी इतने लंबे समय तक विदेश ना जाए- ऐसा पहले कभी नहीं होता था। महामारी के पहले ये रईस निवासी बिजनेस या छुट्टियां मनाने के लिए विदेश यात्राओं पर निकलते रहते थे। लेकिन फिलहाल उनमें से ज्यादातर ऐसे हैं, जो पिछले डेढ़ साल से हांगकांग से बाहर नहीं निकले। ऐसे में वे होटल बुक कर वहीं छुट्टियां मना रहे हैं। साथ ही मौज-मस्ती की चीजों की भरपूर खरीदारी कर रहे हैं।
इससे शहर के होटलों और लग्जरी ब्रांड्स की दुकानों की चांदी हुई है। महंगे होटल इन दिनों यहां मौज-मस्ती की नई-नई सुविधाएं देने की स्कीम निकाल रहे हैं। स्वायर होटेल्स के ग्रुप निदेशक डीन विन्टर्स ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से कहा कि होटलों में अवकाश मनाने की जो सुविधाएं उनके होटल ने दीं, उसके बहुत अच्छे नतीजे रहे हैं।
निक्कई एशिया के मुताबिक नई स्कीम्स के तहत होटलों ने बड़े-बड़े फ्लैट जैसे कमरे बना दिए हैं। उनमें ऐसे डाइनिंग टेबल लगाए गए हैं, जिन पर 18 लोग एक साथ भोजन कर सकते हैं। वहीं लग्जरी की तमाम सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। विंटर्स ने कहा- ‘जब लोगों को महसूस हुआ कि विदेश जाकर छुट्टी मनाने की कोई गुंजाइश नहीं है, तो शहर के ही होटलों में मांग बढ़ गई।’
चीन में उपभोक्ताओं के व्यवहार का विश्लेषण करने वाली एजेंसी एटर्निटी-एक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चार्लीन री के मुताबिक हांगकांग में अति धनी लोगों की संख्या काफी है। वे लोग हर साल विदेशों में गर्मी छुट्टी मनाने के लिए औसतन दो से पांच लाख हांगकांग डॉलर खर्च करते थे। अब वे उस रकम को जेवरात, लग्जरी हैंड बैग, महंगी घड़ियों, हाई ब्रांड की कारों और याच (महंगी नौकाओं) आदि खरीदने और होटलों में छुट्टी मनाने पर खर्च कर रहे हैं। हांगकांग सरकार भी उपभोग बढ़ाने को प्रोत्साहन दे रही है। इसके लिए उसने एक खास वाउचर प्रोग्राम शुरू किया है।