हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र समर्थक मीडिया क्षेत्र के दिग्गज बिजनेसमैन जिमी लाई के खिलाफ गवाही के लिए गवाहों को प्रताड़ित करने की खबरें सामने आई हैं। अमेरिका के अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में ऐसा दावा किया है। रिपोर्ट में लिखा गया है कि चीनी सरकार द्वारा जिमी लाई के खिलाफ मनवांछित गवाही के लिए गवाहों को प्रताड़ित किया गया। रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि ऐसी स्थिति में क्या ये गवाही विश्वसनीय मानी जाएगी?
बता दें कि जिमी लाई के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था और सोमवार को इस मामले की सुनवाई शुरू हो गई। जिमी लाई हॉन्ग कॉन्ग के बड़े मीडिया हाउस एप्पल डेली के संस्थापक थे। फिलहाल यह मीडिया हाउस बंद हो चुका है। दरअसल साल 2020 में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जिमी लाई को गिरफ्तार किया गया था। जिमी लाई पर आरोप है कि उन्होंने विदेशी ताकतों के साथ सांठ-गांठ की।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हॉन्ग कॉन्ग की अथॉरिटीज ऐसी योजना बना रही हैं कि साल 2019 में हुए लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों को चीन को अव्यवस्थित करने की अमेरिकी साजिश के तौर पर लोगों के सामने पेश किया जाए। बता दें कि जिमी लाई हॉन्ग कॉन्ग में चीनी दबदबे के खिलाफ हैं और लोकतंत्र के समर्थक माने जाते हैं। बता दें कि जिस राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जिमी लाई को गिरफ्तार किया गया है, उसे लाने के पीछे भी चीन की सरकार है। इस कानून की काफी आलोचना हो रही है और अगर जिमी लाई दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें उम्रकैद की सजा हो सकती है।