शोध के मुताबिक स्क्रीन टाइम कारण नहीं, बल्कि संकेतक है। सायकेट्री रिसर्च जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक एएसडी की आनुवंशिक प्रवृत्ति वाले बच्चों में लंबे समय तक स्क्रीन के उपयोग की आदत होती है।
जापान की नागोया यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में सामने आया है कि बच्चों का देर तक मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर स्क्रीन से घंटों चिपके रहना ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर और अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर का कारण नहीं संकेत हो सकता है।
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हालांकि, यही माना जाता रहा है कि ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों में इस तरह के विकारों का कारण होता है। लेकिन, शोध के मुताबिक स्क्रीन टाइम कारण नहीं, बल्कि संकेतक है। सायकेट्री रिसर्च जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक एएसडी की आनुवंशिक प्रवृत्ति वाले बच्चों में लंबे समय तक स्क्रीन के उपयोग की आदत होती है।
खुद को दोषी न मानें सुधार के उपाय करें
चूंकि एडीएचडी के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बच्चों के लिए स्क्रीन का समय लंबा हो जाता है, इसलिए माता-पिता और देखभाल करने वालों को इसके बारे में सतर्क रहना चाहिए। शोध के मुताबिक न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर वाले बच्चों के माता-पिता को इसके लिए खुद को दोषी नहीं मानना चाहिए।