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मालदीव की संसद में पाक की चाल नाकाम, भारत ने कहा- अपनों का ही कत्ल करने वाले उपदेश न दें

Sun, 01 Sep 2019 09:14 PM IST
आसिम खान वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कश्मीर मुद्दे का लगातार अंतरराष्ट्रीयकरण करने में जुटे पाकिस्तान को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है। मालदीव की संसद में सतत विकास लक्ष्य पर आयोजित दक्षिण एशियाई स्पीकर्स सम्मेलन में रविवार को पाकिस्तान की ओर से कश्मीर मुद्दा उठाने पर भारत ने उसे करारी फटकार लगाई। इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच जमकर गर्मागर्म बहस हुई और मालदीव की संसद में उपद्रव जैसा माहौल बना रहा। 

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मालदीव की संसद में रविवार को दो दिवसीय चौथी दक्षिण एशियाई स्पीकर्स समिट की शुरुआत हुई। भारत की तरफ से भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल इस शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ। सम्मेलन शुरू होते ही पाकिस्तान के प्रतिनिधि कासिम सूरी ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को हटाकर उसका विशेष दर्जा खत्म करने का मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन हरिवंश नारायण सिंह ने तत्काल इसका विरोध जताया और कहा, हम इस फोरम में भारत का आंतरिक मुद्दा उठाने की कोशिश की कड़ी निंदा करते हैं। हम इस शिखर सम्मेलन के विषय से इतर मुद्दों को उठाकर इस फोरम का राजनीतिकरण करने की कोशिश को भी खारिज करते हैं।

इस दौरान हरिवंश और कासिम सूरी के बीच तीखी बहस हुई। सिंह ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंक का समर्थन करने की कोशिश से बाज आने की नसीहत दी। सिंह ने पाकिस्तान को ‘आतंक का पालक’ करार देते हुए कहा, क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए पाकिस्तान को तत्काल सीमा पार आतंकवाद पर अंकुश लगाने के साथ इसे अपना समर्थन देना बंद करना चाहिए। सिंह ने पाकिस्तान को अपने ही लोगों (बांग्लादेश) के नरसंहार के लिए झिड़कते हुए कहा कि ऐसे देश को कश्मीर का मुद्दा उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
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सिंह के बोलने के दौरान ही पाकिस्तानी सीनेटर कुरात उल एन मारी ने खड़े होकर भारत के विरोध में बोलना शुरू कर दिया। शिखर सम्मेलन के इस सत्र की अध्यक्षता कर रहे मालदीव संसद के स्पीकर व पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने तत्काल मारी को रोक दिया, लेकिन मारी ने पाकिस्तान के खुद आंतक से पीड़ित होने की बात कही, तो सिंह ने तीखे अंदाज में उन्हें पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में चल रही गतिविधियों की याद दिलाई।

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चीखते रहे मालदीव के स्पीकर, मची रही अराजकता

भारत-पाकिस्तान के प्रतिनिधियों में गर्म बहस के दौरान मालदीव की संसद में अराजकता फैली रही। पूरे हंगामे के सामने आए वीडियो में मालदीव की संसद के स्पीकर मोहम्मद नशीद ने कई बार बाकायदा चीखते हुए शोरगुल नहीं करने के लिए कहा, लेकिन उनकी अपील किसी ने नहीं सुनी। इसके बाद उन्होंने भोजनावकाश की घोषणा करते हुए सत्र ही समाप्त कर दिया।

भारत की मांग पर कार्रवाई से हटेगी बहस
भारत की तरफ से राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने पाकिस्तान की तरफ से शिखर सम्मेलन के विषय से हटकर उठाए गए मुद्दे को कार्रवाई से हटाए जाने की मांग की। बाद में मालदीव के स्पीकर नशीद ने उन्हें कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान की तरफ से कही गई सारी बात को रिकॉर्ड से हटाए जाने का आश्वासन दिया।

पहले से तैयारी में था भारत
पाकिस्तान की तरफ ऐसी हरकत की आशंका के चलते भारत ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी थी। इस बारे में मालदीव सरकार को भी चेता दिया गया था। मालदीव सरकार व स्पीकर नशीद ने भी पहले ही पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को यह मुद्दा नहीं उठाने के लिए कहा था। इसके बावजूद पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल पहले से सोची गई साजिश के तहत यह मुद्दा उठाने से बाज नहीं आया।
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