स्कूल पर हमले के बाद घायलों को अस्पताल ले जाते।
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इस्राइल-हमास के बीच संघर्ष को करीब एक महीने होने जा रहा है। इसमें अभी तक साढ़े दस हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। फिर भी युद्ध थमता नहीं दिखाई दे रहा है। एक तरफ इस्राइल ने आतंकियों को चुन-चुनकर खत्म करने की कसम खा ली है। इस बीच, हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस्राइल पर उत्तरी गाजा में एक स्कूल को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि इस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई।
फलस्तीन में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार तड़के बताया कि उत्तरी गाजा के अल सफ्तावी इलाके में विस्थापित लोगों के लिए एक स्कूल को अस्थायी शिविर बनाया गया था, जिसपर इस्राइली सेना ने हमला कर दिया। इस हमसे में 20 लोगों की जान चली गई। वहीं, दर्जन घायलों को गाजा के अल-शिफा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बता दें, इससे पहले इस्राइल ने शुक्रवार को गाजा के बड़े अस्पताल अल-शिफा को निशाना बनाया था। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया था कि इस्राइली सेना ने पहले अस्पताल और फिर एंबुलेंस में घायलों को दूसरी जगह ले जाते समय उन पर हमला किया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ताजा बमबारी में कई लोग मारे गए हैं। इस्राइली सेना की ओर से कहा गया है कि वह इसकी जांच कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-कदरा ने कहा था कि हमने अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक रेड क्रॉस को इसकी सूचना दी है। हमास समर्थित टीवी चैनल अल-अक्सा ने पहले कहा था कि इस हमले के बहुत लोगों की जान गई है, लेकिन जो बयान जारी किया गया है, उसमें हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
नेतन्याहू ने अस्थायी युद्धविराम से किया इनकार
वहीं, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन से कहा था कि वह बंधकों की रिहाई के बिना आतंकवादी समूह हमास के खिलाफ युद्ध नहीं रोकेंगे। नेतन्याहू ने इस्राइल द्वारा गाजा में ईंधन के प्रवेश की अनुमति देने की सभी रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया था और कहा था कि हम गाजा में ईंधन के प्रवेश की इजाजत नहीं देंगे। नेतन्याहू ने ब्लिंकन को बताया था कि इस्राइल अस्थायी युद्धविराम से इनकार करता है, जिसमें इस्राइली बंधकों की रिहाई शामिल नहीं है। साथ ही इस्राइल गाजा में ईंधन और धन भेजने का विरोध करता है।