15 अगस्त 2017 को हम आजादी का 70वां जश्न मना रहे हैं। इन 70 सालों में देश में बहुत से परिवर्तन हुए लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो आजीवन याद रह जाती हैं। ऐसी ही एक घटना को हम याद कर रहे हैं। बात 2 अगस्त 1990 की है जब खाड़ी देशों केे बीच युद्ध छिड़ गया था।
इराक और कुवैत के बीच भीषण युद्ध के दौरान भारत सरकार के सामने एक बड़ी समस्या थी कि वहां फंसे करीब पौने दो लाख भारतीयों को सुरक्षित कैसे निकाला जाए। इराकी सेना ने कुवैत में घुसकर भारी तबाही मचाई थी। सद्दाम हुसैन की सेना ने पूरे कुवैत पर जमकर कहर बरपाया था।
उस समय कुवैत में भारी मात्रा में भारतीय रहते थे। इराकी सेना के हमले के कारण लाखों भारतीय अपने परिवार के साथ वहां फंस गए थे।उनके सामने वहां से जीवित बच निकलने की चुनौती थी।