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जानिए क्यों एक लाख भारतीय किये गए थे कुवैत से एयरलिफ्ट

Sun, 13 Aug 2017 03:33 PM IST
amarujala.com- Written by: ऋतुराज त्रिपाठी
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Kuwait war 1990 - फोटो : Reuters
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15 अगस्त 2017 को हम आजादी का 70वां जश्न मना रहे हैं। इन 70 सालों में देश में बहुत से परिवर्तन हुए लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जो आजीवन याद रह जाती हैं। ऐसी ही एक घटना को हम याद कर रहे हैं। बात 2 अगस्त 1990 की है जब खाड़ी देशों केे बीच युद्ध छिड़ गया था।
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इराक और कुवैत के बीच भीषण युद्ध के दौरान भारत सरकार के सामने एक बड़ी समस्या थी कि वहां फंसे करीब पौने दो लाख भारतीयों को सुरक्षित कैसे निकाला जाए। इराकी सेना ने कुवैत में घुसकर भारी तबाही मचाई थी। सद्दाम हुसैन की सेना ने पूरे कुवैत पर जमकर कहर बरपाया था।

उस समय कुवैत में भारी मात्रा में भारतीय रहते थे। इराकी सेना के हमले के कारण लाखों भारतीय अपने परिवार के साथ वहां फंस गए थे।उनके सामने वहां से जीवित बच निकलने की चुनौती थी। 
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एयर इंडिया की मदद से दुनिया का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

file photo
जिसके बाद एयर इंडिया की मदद से एक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन माना जाता है। एयर इंडिया ने करीब 500 बार उड़ान भरी थी और 13 अगस्त से 11 अक्टूबर 1990 तक लगभग 1 लाख 70 हजार भारतीयों को निकाला गया। 

अाधिकारिक सूत्रों के मुताबिक भारतीय दूतावास ने लोगों को उनके घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। भारतीयों को कुवैत से जॉर्डन की राजधानी अम्मान लाया गया। जहां से उन्हें एयर इंडिया की मदद मिली। 

इतनी बड़ी मात्रा में बचाव कार्यक्रम चलाने के लिए इस घटना को गिनीज बुक में भी जगह मिली। इसे ऑपरेशन होममेकिंग का नाम दिया गया। यह दुनिया का ऐसा सबसे बड़ा ऑपरेशन था जिसमें इतनी भारी मात्रा में लोगों को बचाया गया था। 
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