इराक के उत्तरी हिस्से में सोमवार को हुए विवादित जनमत संग्रह में लोगों ने आजाद कुर्दिस्तान क्षेत्र के पक्ष में जोर शोर से मतदान किया।
चुनाव आयोग के मुताबिक वोटिंग करने वाले 33 लाख लोगों में से 92 फीसद ने अलगाव का समर्थन किया। इनमें कुर्द और गैर कुर्द दोनों शामिल हैं।
इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने आखिरी वक्त में जनमत संग्रह के नतीजों को 'रद्द' करने की अपील की थी लेकिन बावजूद इसके परिणाम का ऐलान किया गया। प्रधानमंत्री अबादी ने कुर्दों से अपील की कि वो 'संविधान के ढांचे के तहत' इराक सरकार से बातचीत करें।
कुर्द नेताओं का कहना है कि जनमत संग्रह में 'हां' के पक्ष में मिले वोट उन्हें बगदाद में मौजूद सरकार और पड़ोसी देशों से अलगाव को लेकर बातचीत करने का जनादेश देगा।
सेना तैनात हो
इस बीच इराक की संसद ने प्रधानमंत्री से कहा है कि वो तेल बहुल किरकुक क्षेत्र और कुर्द सेना के नियंत्रण वाले दूसरे विवादित क्षेत्रों में सेना तैनात करें।
कुर्द पशमरगा लड़ाकों ने उस वक्त किरकुक पर निंयत्रण हासिल किया था जब साल 2014 में पूरे उत्तरी इराक में कथित इस्लामिक स्टेट के जिहादियों ने अधिकार कर लिया था और इराकी सेना परास्त हो गई थी।
जनमत संग्रह इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के तीन राज्यों और 'क्षेत्र के अधिकार से बाहर के कुर्दिस्तान वाले इलाके में' कराया गया था।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बुधवार को इरबिल में जानाकरी दी कि 28 लाख 61 हजार लोगों ने आजादी के पक्ष में 'हां' कहा और दो लाख 24 हजार लोगों ने 'ना' के पक्ष में मतदान किया। जनमत संग्रह में 72.61 फीसद लोगों ने हिस्सा लिया।
इराक की सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जनमत संग्रह का जोरदार विरोध किया था। विरोध करने वालों का कहना था कि इससे स्थिरता, खासकर इस्लामिक स्टेट के खिलाफ संघर्ष पर असर होगा। इराक के प्रधानमंत्री अबादी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता नागरिकों के सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा।