सऊदी अरब में महिलाओं पर लगा ड्राइविंग का प्रतिबंध हटा लिया गया है। लंबे अरसे के बाद जून 2018 से सऊदी अरब की सड़कों पर वहां की महिलाएं ड्राइविंग करती दिखेंगी। सऊदी अरब में महिलाओं के बीच जश्न का माहौल है।
सऊदी की महिला सांसद लतीफा अलाशलन ने कहा, "ये सऊदी महिलाओं की बहुत बड़ी जीत है, वे दशकों से इस हक के लिए आंदोलन कर रही थीं।"
कई महिलाओं ने ट्वीट कर कहा है कि इस फैसले के साथ ही सऊदी अरब हमेशा के लिए बदल गया है। लेकिन इसके साथ ही यहां रोजगार पाए भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका समेत दक्षिण एशिया के प्रवासी ड्राइवरों की नौकरी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
एक अनुमान के मुताबिक सऊदी अरब में करीब आठ लाख ड्राइवर हैं, जिनमें भारतीयों और बांग्लादेशी ड्राइवरों की संख्या अच्छी खासी है। भारत से पंजाब और केरल से बड़ी संख्या में लोग सऊदी अरब में बतौर ड्राइवर रोजगार में हैं।
सऊदी अरब में वर्क वीजा दिलाने की एजेंसी चलाने वाले ढाका के अली हैदर चौधरी ने बीबीसी को बताया कि पिछले डेढ़ साल 50,000 बांग्लादेशी ड्राइवर सऊदी अरब गए हैं।
जेद्दा में पिछले 10 साल से किराए पर कार देने का बिजनेस करने वाले बहर बकुल ने बीबीसी को बताया, "कई ड्राइवर घरों में लगे हुए हैं। ऐसा भी है कि अगर घर में तीन बच्चे हैं और उन्हें अलग-अलग स्कूलों में भेजना है तो तीनों के लिए अलग-अलग ड्राइवर नियुक्त हैं। इनमें से अधिकांश भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान या श्रीलंका के होते हैं।"