पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग इस्राइल के अशदोद बंदरगाह पर पहुंचीं। इससे पहले इस्राइली सेना ने गाजा जाने वाली उनकी सहायता नाव पर चढ़कर उन्हें और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई गाजा पर लगे लंबे समय से जारी इस्राइली नाकेबंदी के तहत हुई है।
गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग सोमवार को इस्राइल के अशदोद बंदरगाह पहुंचीं। इससे पहले इस्राइली नौसेना ने इस नाव को रोका और उस पर सवार 12 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। ये सभी लोग गाजा के लिए मानवीय मदद लेकर जा रहे थे।
इस्राइल ने कहा- मजाक है मदद कार्यक्रम
अब बात अगर मामले में इस्राइल की प्रतिक्रिया की करें तो इस्राइल ने इसे एक प्रचार अभियान बताया। साथ ही कहा कि कार्यकर्ताओं को सुरक्षित तट पर लाया गया है और अब उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा। इतना ही नहीं विदेश मंत्रालय ने एक तस्वीर भी साझा की जिसमें ग्रेटा थनबर्ग नाव से उतरती दिखाई दे रही हैं।
दूसरी ओर फ्रीडम फ्लोटिला ने बयान जारी कर कहा कि नाव को अवैध रूप से कब्जे में लिया गया, निहत्थे नागरिकों को अगवा किया गया और जरूरी राहत सामग्री जब्त कर ली गई, जिसमें बच्चों के लिए दूध, खाना और दवाइयां शामिल थीं।
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