श्रीलंका में गृहयुद्ध के दौरान विवादस्पद रक्षा सचिव रहे गोटबाया राजपक्षे ने देश के नए राष्ट्रपति के रूप में अनुराधापुर के रूवानवेली सेया में शपथ ली। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने शपथग्रहण के बाद जय श्री महाबोधि में पूजा-अर्चना भी की।
राजपक्षे ने शपथग्रहण करने से पहले एक ट्वीट में कहा कि जीत के लिए कोशिश करने से ज्यादा जरूरी होता है जीत को बनाए रखना। राजपक्षे के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे भी इस शपथग्रहण समारोह में मौजूद थे। महिंदा 2005 से 2015 तक देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं। उनके अलावा पूर्व मंत्री बासिल राजपक्षे और बड़ी संख्या में सांसदों ने इस समारोह में हिस्सा लिया।
चुनाव आयोग ने रविवार को परिणाम जारी करते हुए घोषणा की थी कि राजपक्षे (70 वर्षीय) ने प्रेमदास (52 वर्षीय) को 13 लाख से अधिक मतों से पराजित किया। आयोग ने बताया कि राजपक्षे को 52.25 फीसदी (69,24,255) मत मिले जबकि प्रेमदास को 41.99 फीसदी (55,64,239) वोट प्राप्त हुए। अन्य उम्मीदवारों को 5.76 फीसदी वोट मिले।
चुनाव आयोग के अध्यक्ष महिंदा देशप्रिय ने कहा कि चुनाव में कुल मिलाकर लगभग 83.73 फीसदी मतदान हुआ।