रूसी कामोव 226टी में सवार होते भारतीय सैनिक
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कामोव हेलीकॉप्टर बनाने वाली रूसी कंपनी ने आरोप लगाया है कि सभी जानकारी प्रदान करने के बावजूद भारत समझौते पर हस्ताक्षर करने में देरी कर रहा है। भारतीय नौसेना की जरुरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने रूस से कामोव नेवल यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की 200 यूनिटों के खरीद को लेकर बातचीत कर रही है।
आंद्रे बोगिन्स्की ने कहा कि हेलीकॉप्टर के बारे में हमने भारतीय रक्षा मंत्रालय को सभी जरूरी जानकारियां मुहैया कराईं। तब भी भारत की तरफ से हो रही देरी का कारण हमारी समझ से परे है। अगर भारतीय नौसेना के लिए 100 हेलीकॉप्टरों की डील और पिछली डील को साथ जोड़ लिया जाए तो इसमें भारत को ही फायदा होगा।
बता दें कि भारत और रूस के बीच एक अरब डॉलर (करीब 7100 करोड़ रुपये) कीमत की इस हेलीकॉप्टर डील पर 2015 में सहमति बन गई थी। भारत को रूस में बने 60 कामोव केए 226-टी हेलीकॉप्टर्स रेडी टू यूज कंडीशन (पहले से बने हुए हालत में) में मिलने थे, जबकि 140 हेलीकॉप्टर ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट के तहत भारत में ही बनने थे।