अमेरिका में चल रहे राष्ट्रपति चुनाव में ऐसी शख्सियत सामने आई है, जो एक ओर चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस को ट्रंप के खिलाफ बहस के लिए तैयार कर रही हैं। तो दूसरी ओर हैरिस सरकार की ओर से किए गए एक मुकदमे में गूगल की ओर से लड़ रही है। इस शख्सियत के सामने आने के बाद चर्चा का दौर शुरू हो गया। यह चर्चित हस्ती पॉल वीस लॉ फर्म की पार्टनर और वकील कैरेन डन हैं।
डन को कमला हैरिस ने अपने अभियान के लिए कोचिंग देने के लिए चुना है। डन ने हाल ही में हैरिस को ट्रंप के खिलाफ होने वाली पहली बहस के लिए तैयार किया था। वहीं दूसरी ओर वह जो बाइडन प्रशासन की ओर से दायर किए गए ऑनलाइन विज्ञापन बाज़ार पर अवैध रूप से एकाधिकार करने के आरोप में गूगल का बचाव भी कर रही हैं। डन की दोहरी भूमिका ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञ चिंतित हैं कि हैरिस के साथ उनके करीबी संबंध सरकार के गूगल के खिलाफ प्रयासों को कमजोर कर सकते हैं। उनका तर्क है कि उपराष्ट्रपति का एक ऐसी कंपनी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील से सलाह लेना अपमानजनक है। अमेरिकन इकोनॉमिक लिबर्टीज प्रोजेक्ट के मैट स्टोलर ने कहा कि आप दोनों पक्षों की सेवा नहीं कर सकते। अगर ये कानूनी मामले होते तो नैतिक रूप से उन्हें यह करने से रोका जाता।
बताया जाता है कि डन 2008 से डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को चुनावों में बहस के लिए तैयार कर रही हैं। उन्होंने न्यूयॉर्क की प्रतिनिधि नीता लोवे के लिए कैपिटल हिल पर एक विधायी संवाददाता के रूप में काम किया। उन्हें 1999 में हिलेरी क्लिंटन के सीनेट अभियान में कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया। उन्होंने 11 सितंबर के आतंकवादी हमलों के दौरान और उसके बाद भी काम किया। फिर उन्होंने येल लॉ स्कूल में जाने के लिए कुछ समय के लिए राजनीति छोड़ दी। लेकिन 2008 से वह क्लिंटन के साथ राष्ट्रपति अभियान पर काम करने लगीं। इसके बाद उन्होंने बराक ओबामा के साथ काम किया।
डन ने एप्पल और उबर जैसी दिग्गज टेक कंपनियों का भी प्रतिनिधित्व किया है और यहां तक कि अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस को कांग्रेस की सुनवाई के लिए तैयार करने में भी मदद की है। बताया जाता है कि डन का मौजूदा काम अब तक का सबसे हाई-प्रोफाइल है। जेफ हॉसर ने कहा कि कोई कल्पना कर सकता है कि हैरिस की दुनिया में उनका कद इस बहस के बाद और बढ़ गया है। यदि वह कभी हैरिस के अधीन न्याय विभाग के साथ संभावित समझौते पर बातचीत करती हैं, तो यह चिंताजनक होगा।
हालांकि डन का रुख इस बारे में स्पष्ट है। वह 2019 में कह चुकी थीं कि बहस में जीतने के लिए सबसे ज़रूरी है अपने प्रतिद्वंद्वी को इस तरह से उलझाना जो उन्हें चुनौती दे और फिर जीतने का मौका बनाए। अपनी दोहरी भूमिका के साथ डन उच्च-दांव वाली राजनीति और कानून की दुनिया में स्वीकार्य सीमाओं को चुनौती देने के कगार पर हैं।