लेबनान से समुद्री सीमा पर किया ऐतिहासिक समझौता : इस्राइल
इस्राइल के पीएम येर लापिद ने कहा है कि उनके देश ने पड़ोसी लेबनान के साथ साझा समुद्री सीमा को लेकर एक ‘ऐतिहासिक समझौता’ किया है। अमेरिका ने इसके लिए हुई वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। लापिद ने कहा, यह समझौता इस्राइल की सुरक्षा को मजबूत करेगा, साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को काफी फायदा पहुंचाएगा और हमारी उत्तरी सीमा में स्थिरता सुनिश्चित करेगा। बता दें, इस्राइल के 1948 में अस्तित्व में आने के बाद से ही लेबनान और इस्राइल के बीच समुद्री सीमा को लेकर विवाद है। दोनों देश भूमध्य सागर के लगभग 860 वर्ग किमी (330 वर्ग मील) क्षेत्र पर दावा करते हैं।
हांगकांग ने नहीं माने रूसी कारोबारी की ‘सुपरयाट’ पर अमेरिकी प्रतिबंध
हांगकांग के नेता जॉन ली ने मंगलवार को कहा कि वह केवल संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को लागू करेंगे। इससे पहले अमेरिका ने चेताया था कि अगर हांगकांग प्रतिबंधित व्यक्तियों के लिए पनाहगाह बना रहा तो उसके वित्तीय केंद्र का दर्जा खतरे में पड़ सकता है।
ली का बयान मंगलवार को तब आया जब कुछ दिन पहले रूसी कारोबारी एलेक्सी मोरदाशोव की एक आलीशान याट (नौका) शहर के तट पर रुकी। मोरदाशोव को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का करीबी माना जाता है और फरवरी में यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद उन पर अमेरिका, ब्रिटेन तथा यूरोपीय संघ ने प्रतिबंध लगाया था। हांगकांग के अधिकारियों ने कहा है कि वे अन्य सरकारों द्वारा लगाए गए एकतरफा प्रतिबंध को लागू नहीं कर सकते हैं।
इफको सीईओ को अवैध कमीशन देने में कारोबारी संजय जैन गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इफको के प्रबंध निदेशक और सीईओ यूएस अवस्थी के गैरकानूनी कमीशन के लेनदेन और मनी लॉन्डि्रंग मामले में जारी कार्रवाई में कारोबारी संजय जैन को गिरफ्तार किया है। यह मामला 685 करोड़ से ज्यादा के गैरकानूनी कमीशन से जुड़ा है।
एजेंसी के एक बयान में कहा गया है कि जैन को छह अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे पीएमएलए विशेष अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे मंगलवार तक ईडी की रिमांड में भेज दिया था। सूत्रों के मुताबिक, ईडी रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है।
आरोप के अनुसार, अवस्थी और इंडियन पोटाश लि. के प्रबंध निदेशक पीएस गहलोत के बेटों और अन्य को विदेशी आपूर्तिकर्ताओं ने 2007 से 2014 के बीच कथित तौर पर कमीशन दिया था। ईडी ने सीबीआई की ओर से 17 मई 2021 को दर्ज केस के आधार पर इस मामले में उदय शंकर अवस्थी, ज्योति ट्रेडिंग कॉरपोरेशन के प्रमोटर पंकज जैन और दुबई स्थित रेयर अर्थ ग्रुप के अमरेंद्रधारी सिंह सहित अन्य से पूछताछ शुरू की थी। इन पर ठगी और आपराधिक साजिश का आरोप है।
तुलसी गेबार्ड ने छोड़ी डेमोक्रेटिक पार्टी बताया युद्ध के ‘कुलीन साजिशकर्ता’
पूर्व कांग्रेस सदस्य भारतीय मूल की तुलसी गेबार्ड (41) ने युद्ध के कुलीन साजिशकर्ताओं का जमावड़ा बताकर डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ने की घोषणा की है। पिछले साल अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से सेवानिवृत्त तुलसी ने ट्विटर पर कहा कि मैं ऐसे लोगों के बीच अब और नहीं रह सकती। उन्होंने अपने अगले कदम की घोषणा नहीं की है।
2020 में राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी बनने में नाकाम रहने के बाद से उनका पार्टी में विरोध हो रहा था। तुलसी 2013 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए हवाई से चुनी जाने वाली पहली हिंदू हैं। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, डेमोक्रेट आज हर मुद्दे पर रंगभेद का सहारा लेकर हमें बांटने में लगे हैं। तुलसी ने पार्टी ऐसे समय में छोड़ी है, जब अगले महीने महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव हैं।
भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग की अपार संभावना : पुरी
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जैव ईंधन, पेट्रोरसायन, हरित हाइड्रोजन और उत्पादन के क्षेत्रों में भारत एवं अमेरिका के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। दोनों देशों ने सहयोग के ठोस क्षेत्रों पर फैसला किया है।
पुरी ने ह्यूस्टन में एक समारोह में कहा, भारत दूसरे देश की तुलना में हरित ऊर्जा को अपनाने के लिए अधिक जागरूक है। उन्होंने ह्यूस्टन में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली के लिए विशेष कोल सीम गैस बोली दौर-2022 की शुरुआत की।
याचिका संग आपत्तिजनक तस्वीरें वकील पर 25 हजार का जुर्माना
बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें जमा कराने वाले एक वकील पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने वकील को फटकार लगाते हुए जुर्माने की राशि दो सप्ताह में लाइब्रेरी में जमा कराने के आदेश दिए हैं। अदालत ने वकील की इस हरकत को बेहद निंदनीय बताया है। इसी के साथ अदालत ने सभी वकीलों को नसीहत दी है कि किसी भी याचिका में इस तरह की तस्वीरों को संलग्न करते समय संयम बरतना चाहिए।
उन्होंने दाखिल याचिका में से उन तस्वीरों को तत्काल हटाकर संबंधित पार्टी को सूचित करने को कहा है। दरअसल, मामले की सुनवाई जस्टिस मोहिते डेरे और श्रीराम एम मोडक की बेंच में सात अक्तूबर को हो रही थी। यह याचिका एक महिला की ओर से दाखिल किया गया था। इसमें वकील आनंद पांडेय और रमेश त्रिपाठी बहस कर रहे थे।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि फाइल खोलते ही आपत्तिजनक तस्वीरें सामने आ गई। उन्हें इसे बेहद गैर जिम्मेदार बताया। साथ ही कहा कि भविष्य में सभी वकीलों से उम्मीद की जाएगी कि वह इस तरह की गलती न करें।