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मोदी का फ्रांस दौरा: G7 के बाद 20 सितंबर को भारत आएगा पहला राफेल

Fri, 23 Aug 2019 07:52 AM IST
Nilesh Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

  • प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की द्विपक्षीय वार्ता करीब डेढ़ घंटे चली
  • साझा बयान में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा- आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ
  • प्रधानमंत्री मोदी ने साझा बयान में भारत और फ्रांस की दोस्ती निस्वार्थ भाव वाली बताया
  • गुरुवार को फ्रांस पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेड कारपेट पर स्वागत किया गया था
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भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों - फोटो : PTI
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विस्तार
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जी7 शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों के साथ साझा बयान में कहा कि जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर भारत सदियों से परंपरा और संस्कार से प्रकृति के साथ तालमेल करके ही जीता आ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी दोस्ती किसी स्वार्थ पर नहीं, बल्कि ‘लिबर्टी, इक्वलिटी और फ्रेटरनिटी’ के ठोस आदर्शों पर टिकी है। यही कारण है भारत और फ्रांस ने कंधे से कंधा मिलाकर आजादी और लोकतंत्र की रक्षा की है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और तकनीक के समावेशी विकास की चुनौतियों का सामना करने के लिए फ्रांस और भारत एक साथ मजबूती से खड़े हैं। 

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वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्यूल मैक्रों ने साझा बयान के दौरान भारत के साथ अपने संबंधों को और बेहतर बनाने की बात कही। उन्होंने भारत के साथ परमाणु परियोजना पर कहा कि अगर हम परमाणु प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हैं, तो इस साल के अंत तक जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना पर चर्चा होगी, ताकि हम इसे आगे बढ़ा सकें।

'फ्रांस के सहयोग से भारत को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाएंगे'

जी-7 बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएम मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त भाषण देने के दौरान कहा कि भारत और फ्रांस की दोस्ती दशकों पुरानी और नि:स्वार्थ है और भविष्य में लगातार एक दूसरे का सहयोग करते रहेंगे। भारत जी-7 में फ्रांस की कामयाबी के लिए पूरा साथ देगा। दोनों देशों के बीच दो दशकों से सामरिक रणनीतिक साझेदारी है। 
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पीएम ने कहा साल 2022 तक भारत की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ होगी और तब तक न्यू इंडिया को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना। ऐसे में फ्रांस का सहयोग काफी अहम रहेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के  सामने सबसे बड़ी चुनौती आतंकवाद और कट्टरवाद है। दोनों ही देश इससे जूझ रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि क्रॉस बार्डर आतंकवाद से लड़ने में फ्रांस ने भारत का साथ दिया है। इसके लिए भारत फ्रांस का आभारी है। दोनों देश साइबर सिक्यूरिटी और मैरीटाइम में सहयोग करेंगे। 

रक्षा क्षेत्र में हमारे मजबूत रिश्ते, अगले महीने मिलेगा 'राफेल'

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच कारोबार के साथ ही रक्षा क्षेत्र में भी रिश्ते मजबूत हो रहे हैं। इसी का नतीजा है कि भारत को अगले महीने राफेल मिल जाएंगे। मोदी ने दोनों देशों के बीच टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ही उच्च शिक्षा में सहयोग देने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि अगले साल भारत फ्रांस में नमस्ते भारत का आयोजन करेगा इससे भारत की संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों को बहुत कुछ जानने को मिलेगा।

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मैक्रों ने चंद्रयान के लिए दी बधाई, 370 पर बोले- कश्मीर आंतरिक मसला

भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों - फोटो : PTI
फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्विपक्षीय बातचीत के बाद कहा कि भारत का लोकतंत्र शानदार है। हमें अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाना है। हमने अंतरिक्ष में सहयोग पर एक नया एग्रीमेंट किया है। उन्होंने कहा कि हम भारत को चंद्रयान भेजने के लिए बधाई देते हैं। हम आतंकवाद पर भी एक दूसरे के साथ मिलकर काम करते रहेंगे।

मैक्रों ने कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के मुद्दे पर कहा कि पीएम मोदी ने जम्मू और कश्मीर के हालात पर मुझे बताया। यह आंतरिक मसला है। इस मसले पर कोई तीसरा हस्तक्षेप न करे। इसका हल भारत और पाकिस्तान ही निकाल सकते हैं, जिसके लिए ये भी बहुत जरूरी है कि स्थिरता बनी रहे। उन्होंने कहा कि कहा कि मार्च 2018 में जब मैं भारत गया तो हमने व्यापार सहयोग बढ़ाने का फैसला किया था। हमने इस साल ही इसे पूरा कर लिया है। भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक व्यापार में 25 प्रतिशत बढ़ा है। 

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण का समापन मर्सीबको अबोआ कहकर किया।

जी-7 में मोदी की ट्रम्प, जॉनसन, आबे, मर्केल से द्विपक्षीय बातचीत भी संभव 
जी-7 समिट में मोदी पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, समुद्री सहयोग और डिजिटल परिवर्तन जैसे मुद्दों पर विचार रख सकते हैं। जी-7 के अलावा मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन, जर्मनी चांसलर अंगेला मर्केल, जापानी पीएम से शिंजो आबे से बातचीत की संभावना है। मोदी इस दौरे के दौरान तीसरी बार यूएई और पहली बार बहरीन भी जाएंगे।

रक्षा: भारत को रक्षा साजो-सामान देेने वाला फ्रांस चौथा सबसे बड़ा देश 
फ्रांस रक्षा क्षेत्र में भारत का सबसे अहम मित्र है। स्ट्रेटजिक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, रूस, इजरायल, अमेरिका के बाद फ्रांस भारत को रक्षा आपूर्ति करने वाला चौथा सबसे बड़ा देश है। फ्रांस, भारत को स्कॉर्पियन सबमरीन्स, मिराज-2000, एंटी-शिप मिसाइल, मेटिओ, मिका, रफाल विमान आदि दे रहा है। चीन के खिलाफ अमेरिकी अगुआई वाली इंडो-पैसिफिक स्ट्रेटजी में भी फ्रांस हिस्सा है।
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