अमेरिका अब विदेशों से आने वाले उन पालकों के बच्चों को अपनाना बंद कर देगा जिनकी पैदाइश किसी अमेरिकी अस्पताल में हुई होती है। कई वर्षों से लागू इस कानून को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप शुरू से ही विरोधी रुख रखते रहे हैं। उन्होंने अब स्पष्ट कहा है कि वे अमेरिका में जन्मजात नागरिकता खत्म करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
दरअसल ये वह बच्चे होते हैं जिनके माता-पिता अमेरिकी नहीं होते हैं लेकिन अमेरिकी लोकतंत्र की उदारता के तहत देश की जमीन पर पैदा बच्चों को अमेरिकी नागरिकता मिल जाया करती थी। ट्रंप यह नागरिकता खत्म करने को लेकर अपने चुनाव पूर्व एजेंडे पर लौट आए हैं। इसका मकसद 2020 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनावों में दक्षिणपंथी अमेरिकियों को लामबंद करना है।
ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हम जन्मजात नागरिकता पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। स्पष्ट कहूं तो यह कानून कोरी बकवास है।’ उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि जन्मजात नागरिकता यह है कि हमारी जमीन में आपका बच्चा हुआ है, आप सीमा पार से आते हैं, बच्चे को जन्म देते हैं, बधाई हो, बच्चा अब अमेरिकी नागरिक है। हम इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।’
पुराने वादे पर लौटे ट्रंप
सीमा पार से आने वाले विदेशी आव्रजकों और शरणार्थियों के लिए ट्रंप प्रशासन लगातार सख्त रवैया अपनाता रहा है। मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने से लेकर शरणार्थियों को रोकना या ग्रीनकार्ड पर सख्ती इसी कड़ी का हिस्सा हैं। 2016 में अपने चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने आक्रामक होकर कहा था कि जन्मजात नागरिकता के पक्ष में नहीं हैं। अब वे इसी वादे पर लौट रहे हैं।