जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के खिलाफ पाकिस्तान सेना ने एक बार फिर से कार्रवाई शुरू कर दी है। हाल ही में हुए आम चुनाव के नतीजों से इसे जोड़कर देखा जा रहा है। आम चुनाव के नतीजों के मुताबिक, इमरान के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों की बड़ी जीत हुई थी। जिसके बाद से ही पाकिस्तान में किसी को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया था। शुक्रवार को एक बार फिर इमरान खान की पार्टी के खिलाफ कार्रवाई के कई मायने निकाले जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है इमरान खान के समर्थित विजयी निर्दलीय सांसद पर दबाव बनाया जा रहा है।
इमरान खान की पार्टी के स्वतंत्र उम्मीदवारों पर कार्रवाई
इमरान खान की पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने पीटीआई समर्थित सफल निर्दलीय उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया है। इसके लिए पाकिस्तान सेना ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में उनकी संपत्तियों पर छापेमारी की। पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में मुख्यमंत्री पद के लिए पीटीआई द्वारा नामांकित उम्मीदवारों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। इसके अलावा, संघीय जांच एजेंसी एफआईए ने राज्य के खिलाफ जनता को भड़काने के लिए इमरान खान की बहन अलीमा खान को तलब किया है।
गिरफ्तारी की आशंका से पहले कोर्ट ने दी जमानत
पीटीआई के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार उमर अयूब को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेतृत्व वाले छह दलों के गठबंधन के उम्मीदवार शहबाज के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के लिए संसद में जाने से रोकने के लिए किसी अज्ञात मामले में उनकी संभावित गिरफ्तारी की आशंका के चलते शुक्रवार को एक स्थानीय अदालत से गिरफ्तारी से पहले जमानत मिल गई। उमर ने खुफिया एजेंसियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सियालकोट से पीटीआई समर्थित नेशनल असेंबली के सदस्य असलम घुम्मन का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया है। अयूब ने सोशल मीडिया पर कहा, "घुम्मन को पीटीआई छोड़ने और पीएमएल-एन में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है।"