संविधान में गर्वपात के अधिकारों को मंजूरी देने के लिए पेश किए गए प्रस्ताव का उद्देश्य फ्रांसीसी कानूनी ढांचे के भीतर गर्भपात के अधिकारों को मजबूत करना है। गर्वपात फ्रांस में 1975 से ही वैध है और गर्भावस्था के पहले 10 हफ्तों में इसे वैध बताया था।
फ्रांसीसी सांसद ने बुधवार को संविधान में गर्वपात के अधिकारों को मंजूरी देने के लिए मतदान किया। उन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा रो वी वेड के फैसले को पलटने के बाद इसके पक्ष में निर्णायक रूप से मतदान किया।
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प्रगति की ओर एक बड़ा कदम: फ्रांस के पीएम
सांसद के पक्ष में 267 और विपक्ष में 50 वोट पड़े। यह विधायी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री गेब्रियल अटाल ने इसे प्रगति की ओर एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने महिलाओं के अपने शरीर पर स्वतंत्र रूप से नियंत्रण रखने के महत्व को दर्शाया। पीएम अटाल ने कहा कि लैंगिक समानता की दिखा में एक कदम आगे बढ़ाया गया है
संविधान में गर्वपात के अधिकारों को मंजूरी देने के लिए पेश किए गए प्रस्ताव का उद्देश्य फ्रांसीसी कानूनी ढांचे के भीतर गर्भपात के अधिकारों को मजबूत करना है। गर्वपात फ्रांस में 1975 से ही वैध है और गर्भावस्था के पहले 10 हफ्तों में इसे वैध बताया था। हालांकि, बाद में इसे बढ़ाकर 14 हफ्ते किया गया था। इस प्रक्रिया की लागत राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा प्रणाली द्वारा कवर किया जाएगा।
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यह निर्णय तब लिया गया जब नेशनल असेंबली ने नवंबर 2022 में बदलाव का समर्थन किया था। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने आठ मार्च 2023 को नारीवादी कार्यकर्ता गिसेले हलीमी को श्रद्धांजलि देने के दौरान यह प्रस्ताव रखा था। नेशनल असेंबली ने सरकार के इस प्रस्ताव को जनवरी में मंजूरी दे दी।