संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मार्च 1978 में इस्राइल-लेबनान युद्ध के बाद लेबनान में शांति सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया था। यह यूएन शांति सैनिक मुख्यालय लेबनान और इस्राइल को अलग करने वाली ब्लू लाइन पर स्थित है और अगस्त में ही सुरक्षा परिषद के अध्यादेश को अगले एक साल के लिए नवीनीकृत किया गया था।
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक मुख्यालय पर इस्राइली हमले पर फ्रांस ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। फ्रांस ने कहा है कि वह शांति सैनिकों पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। फ्रांस ने इसे लेकर पेरिस में मौजूद इस्राइली राजदूत को समन किया है और घटना को लेकर नाराजगी जाहिर की है। यूएन शांति सैनिक मुख्यालय पर हुए इस हमले में इंडोनेशिया के दो शांति सैनिक घायल हुए हैं।
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फ्रांस ने दी चेतावनी
फ्रांस ने यूएन शांति मुख्यालय पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है और कहा कि इस्राइल को अपने इस कदम पर विचार करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस्राइल ने कथित तौर पर यूएन शांति सैनिक मुख्यालय के वॉच टावर पर गोलीबारी की, जिसमें दो सैनिक घायल हो गए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मार्च 1978 में इस्राइल-लेबनान युद्ध के बाद लेबनान में शांति सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया था। यह यूएन शांति सैनिक मुख्यालय लेबनान और इस्राइल को अलग करने वाली ब्लू लाइन पर स्थित है और अगस्त में ही सुरक्षा परिषद के अध्यादेश को अगले एक साल के लिए नवीनीकृत किया गया था।
शांति सेना के प्रमुख ने किया आगाह
जर्मनी ने भी इस्राइल के शांति सैनिक मुख्यालय पर हमले की कड़ी निंदा की थी और कहा था कि यह हमला युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है। संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना में विभिन्न देशों के करीब 10 हजार सैनिक शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के प्रमुख जीन पियरे लैक्रोइक्स ने भी चेतावनी दी है कि इस्राइल की जमीनी घुसपैठ की वजह से संयुक्त राष्ट्र शांति सेना की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि गुरुवार को घनी आबादी वाले बेरूत इलाके में इस्राइली हमलों में कम से कम 22 लोग मारे गए और लगभग 117 घायल हो गए।
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भारत ने भी जताई चिंता
भारत ने भी शुक्रवार को शांति सैनिकों पर हमले पर चिंता जाहिर की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिसर की अखंडता का सभी को सम्मान करना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा और उनके जनादेश की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय किए जाने चाहिए।
आयरलैंड के प्रधानमंत्री सिमोन हैरिस ने भी शांति सैनिकों पर हमले को लेकर चिंता जाहिर की है और इस्राइल से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि फिर से ऐसी घटना न हो। दस हजार शांति सैनिकों में से 347 आयरिश सैनिक हैं, जो लेबनान में तैनात हैं। हालांकि इस्राइली हमले में किसी आयरिश सैनिक के घायल होने की खबर नहीं है।