चर्च की ओर से जारी एक बयान के अनुसार चो सियोल के ‘योइदो फुल गॉस्पेल’ चर्च में ‘एमेरिटस’ पादरी थे। कोरियाई युद्ध के बाद निराश लोगों को उन्होंने उम्मीद प्रदान की थी।
दक्षिण कोरिया में सबसे बड़े चर्च के संस्थापक रेवरेंड चो योंग गी का 85 वर्ष की आयु में मंगलवार को निधन हो गया। उनके द्वारा स्थापित चर्च को देश में युद्ध के बाद ईसाईयत के उत्थान के प्रतीक के रूप में देखा जाता था लेकिन बाद में भ्रष्टाचार और घोटालों के चलते चर्च की छवि धूमिल हो गई।
विज्ञापन
चर्च की ओर से जारी एक बयान के अनुसार चो सियोल के ‘योइदो फुल गॉस्पेल’ चर्च में ‘एमेरिटस’ पादरी थे। जुलाई 2020 में ब्रेन हेमरेज होने के बाद से उनका इलाज चल रहा था। चर्च ने कहा, कोरियाई युद्ध के बाद निराश लोगों को उन्होंने उम्मीद प्रदान की थी।