पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इमरान खान पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अब्दुल कादर यूनिवर्सिटी को नकद और जमीन के मामले में अनुचित लाभ पहुंचाए है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने इस मामले के जांच के आदेश दे दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान ने अपनी पत्नी बुशरा बीबी और उनकी दोस्त फराह को यूनिवर्सिटी का ट्रस्टी बनाया हुआ था। देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने सोमवार को नेशनल असेंबली में इमरान पर लगे आरोप के बारे में बताते हुए दावा किया कि इमरान ने यूनिवर्सिटी को करीब 50 करोड़ रुपये नकद और 450 कनाल जमीन दी है। फराह को 200 कनाल जमीन दी है।
साल 2019 में इमरान खान ने अब्दुल कादर यूनिवर्सिटी की शिलान्यास किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि यूनिवर्सिटी दान में मिले पैसों से संचालित होगी। इमरान ने कहा था कि यूनिवर्सिटी की स्थापना मूल रूप से आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान करने के लिए की गई है। आसिफ ने बताया कि यूनिवर्सिटी में विज्ञान विभाग में केवल 32 छात्र पढ़ते हैं। सभी छात्र सरकारी कॉलेज यूनिवर्सिटी से समंबद्ध हैं।
अमेरिका ने हमला किए बिना ही पाक को गुलाम बना लिया है: इमरान
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने दावा किया कि अमेरिका ने उनके देश पर हमला किए बिने उसे ‘गुलाम’ बना लिया है और देशवासी कभी भी मौजूदा ‘आयातित सरकार’ को स्वीकार नहीं करेंगे। बता दें, पिछले माह संसद में अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद इमरान सरकार गिर चुकी है।
पद से हटने के बाद खान ने कई शहरों में कई जनसभाएं की हैं और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अगुवाई वाली नई सरकार को ‘गद्दारों और भ्रष्ट लोगों’ की सरकार बताया है जिसे कथित रूप से अमेरिका के कहने पर थोपा गया है। हालांकि अमेरिका और मौजूदा सरकार ने उनके आरोपों का खंडन किया है।
पंजाब प्रांत के फैसलाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खान ने अमेरिका पर स्वकेंद्रित देश होने का आरोप लगाया जो अपने हितों को देखे बिना दूसरों की मदद नहीं करता है। उन्होंने कहा, विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो अमेरिकी विदेश मंत्री से ‘भीख’ मांगेंगे ताकि खान फिर से सत्ता में ना आ सकें।