पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हाल ही में अपनी बेटी और पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के साथ एक और प्रशासनिक बैठक की अध्यक्षता की। इसको लेकर उनकी खूब आलोचना हो रही है, क्योंकि वह प्रांतीय सरकार में किसी संवैधानिक पद पर नहीं है।
डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के सुप्रीमो शरीफ ने पंजाब प्रांत में एक बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान प्रांत के कृषि क्षेत्र के सामने आने वाले मुद्दों की समीक्षा की गई। प्रशासनिक बैठकों की अध्यक्षता को लेकर नवाज शरीफ पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि वह प्रांतीय या संघीय सरकार में किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं। वह केवल नेशनल असेंबली के सदस्य हैं।
आम चुनाव में पार्टी को पूर्ण बहुमत न मिलने के बाद शरीफ ने सरकार से दूर रहने का एलान किया था। हालांकि बाद में उन्हें पंजाब की प्रांतीय सरकार की प्रशासनिक बैठकों की अध्यक्षता या सह-अध्यक्षता करते देखा गया।
इससे पहले मार्च में शरीफ ने प्रांतीय सरकार की तीन प्रशासनिक बैठकों की अध्यक्षता की थी। शरीफ ने संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों को प्रांत में विभिन्न ढांचा परियोजनाओं के संबंध में निर्देश जारी किए थे। जिसमें भूमिगत ट्रेन और मेट्रो बस, किसानों दुर्दशा, छात्रों के लिए इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल और रमजान राहत पैकेज शामिल है।
आठ फरवरी को हुए आम चुनाव शरीफ लाहौर सीट से चुने गए थे। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने पीएमएल-एन पर जनादेश की चोरी करने का आरोप लगाया था।
इस्लामाबाद बाद पहुंचने से पहले नवाज शरीफ 1980 के दशक में दो बार पंजाब के मुख्यमंत्री भी रहे। वह लगातार तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। अभी उनके भाई शहबाज शरीफ दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने हैं।