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पीएम मोदी की विदेश नीति: 12 महीने में 20 देशों का दौरा, नए साझीदार बनाने में जुटा भारत; US पर घटेगी निर्भरता?

Sun, 30 Aug 2026 10:27 AM IST
ज्योति भास्कर अनुप्रीता दास, द न्यूयॉर्क टाइम्स।
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पीएम मोदी के ताबड़तोड़ विदेश दौरे की चर्चा - फोटो : अमर उजाला प्रिंट-एजेंसी
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फ्रांस, न्यूजीलैंड, सेशेल्स, मलेशिया, स्लोवाकिया, इटली और अब उज्बेकिस्तान किर्गिस्तान... बीते एक वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तूफानी रफ्तार से दुनियाभर के 20 देशों के दौरे किए हैं, उसकी प्रकृति अतीत के कूटनीतिक दौरों से बिल्कुल जुदा है।

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ये दौरे अब संयुक्त घोषणापत्र जारी करने का मंच भर नहीं रह गए हैं बल्कि इस दौरान वॉल स्ट्रीट के बैंकरों के बीच बंद कमरों में होने वाले पक्के समझौतों की तरह रणनीतिक सौदों पर मुहर लगती है। भारत की यह रणनीति अमेरिका पर निर्भरता घटाने के लिए दुनियाभर में नए साझीदार बनाने पर केंद्रित है।

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ट्रंप की बेतुकी नीतियों ने बनाया आक्रामक
भारत की इस आक्रामक विदेश नीति की वजह कहीं न कहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेतुकी नीतियां ही रही हैं। अमेरिका के अनपेक्षित रुख के बाद भारत ने उस पर निर्भर रहकर जोखिम उठाने के बजाय नए रणनीतिक साझेदार तलाश करना बेहतर समझा।

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रिश्तों में इसलिए आई दूरी

  • ट्रंप ने पहले 25% का वैश्विक टैरिफ और रूसी तेल खरीदने पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया।
  • ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ट्रंप ने बार-बार दावा किया कि उनके दखल से ही भारत-पाक सैन्य तनाव सुलझा।
  • ईरान युद्ध के चलते होर्मुज से आने वाले 80% तेल पर खतरा मंडराया। इससे भारत ऊर्जा के नए रास्ते तलाशने के लिए बाध्य हुआ।

सबमरीन से लेकर फ्री ट्रेड तक... बड़े सौदों की राह खुली
पीएम मोदी की आर्थिक कूटनीति का ही नतीजा है कि जर्मनी से सबमरीन तकनीक, फ्रांस से एआई वीजा, पार्टनरशिप व स्टूडेंट क दक्षिण कोरिया से शिपबिल्डिंग और यूरोपीय संघ व ब्रिटेन से फ्री ट्रेड समझौते की राह खुली।

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कितने बड़े वैश्विक समझौते?

  • यूरोपीय संघ : 20 साल से अटकी ट्रेड डील पर मुहर। इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा गया। यूरोपीय कारों और वाइन पर ड्यूटी घटाई। भारत में दस लाख नौकरियां उत्पन्न होने की संभावना है।
  • ब्रिटेन : व्यापार समझौते के तहत भारतीय रेडीमेड कपड़ों पर ड्यूटी घटी। ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की भारत में सस्ती हुई।
  • न्यूजीलैंड : समुद्री सुरक्षा व व्यापार दोगुना करने पर समझौता।
  • द. कोरिया : शिपबिल्डिंग में तकनीक समझौता किया। भारत 2047 तक टॉप-5 पोत निर्माता बनना चाहता है।
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