भारत का पड़ोसी देश नेपाल इन दिनों भयंकर बाढ़ की चपेट में है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश के कारण नेपाल में बाढ़ से कम से कम 66 लोगों की मौत हो गई है। कई दिनों से हो रही बारिश के चलते नेपाल के तराई वाले इलाकों में बाढ़ आ गई है। वहीं दूसरी ओर नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश से बिहार में गंडक और कोसी नदी का जलस्तर काफी बढ़ा दिया है। जहां पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बाढ़-भूस्खलन में 60 लोगों की मौत
गुरुवार से ही नेपाल के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। नेपाल पुलिस के उप प्रवक्ता बिश्वो अधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण देशभर में मारे गए 66 लोगों में से 34 की मौत काठमांडू घाटी में हुई। बाढ़ में 60 लोग घायल भी हुए हैं। देशभर में कुल 79 लोग लापता हैं। जिनमें से काठमांडू घाटी में 16 लोगों का पता नहीं चल पाया है। 3,000 से अधिक लोगों को बचाया भी गया है। नेपाल के शिक्षा मंत्रालय ने मूसलाधार बारिश के मद्देनजर सभी शैक्षणिक संस्थानों को तीन दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस ने पृथ्वी राजमार्ग के किनारे धादिंग जिले के जियापल खोला में भूस्खलन के चलते मलवे के नीचे दबे दो वाहनों से 14 शव बरामद किए है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बसंत राजौरी ने पुष्टि करते हुए कहा, धादिंग और काठमांडू की टीमें तलाशी अभियान पर इन लोगों को खोजने का काम कर रही थीं।
226 घर डूबे
माई रिपब्लिका डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ में मारे गए 66 लोगों में से 34 की मौत काठमांडू घाटी से हैं। इस भयंकर बाढ़ में कुल 40 लोग लापता हैं, जबकि 1,000 से अधिक लोगों को बचाया गया है। पुलिस ने बताया कि काठमांडू में 226 घर पानी में डूब गए हैं और प्रभावित इलाकों में नेपाल पुलिस की ओर से करीब 3,000 सुरक्षाकर्मियों की बचाव टीम तैनात की गई है। अधिकारी ने बताया कि नेपाल भर में 44 स्थानों पर मुख्य राजमार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। बाढ़ के कारण मुख्य ट्रांसमिशन लाइन बाधित होने के चलते काठमांडू में पूरे दिन बिजली गुल रही, लेकिन शाम को बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
बिहार के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
वहीं दूसरी ओर बिहार में कई जिलों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में बिहार के 13 जिलों में भीषण बाढ़ की संभावना है। सरकार ने इन 13 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। कोसी और गंडक आने वाले समय में तबाही मचा सकती है। शनिवार को 12 बजे कोसी बैराज के 56 फाटक खोल दिए गए हैं। 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी कोसी बैराज से छोड़ा गया है, जबकि गंडक बैराज से करीब 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ जा चुका है।