पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस ने एक मुस्लिम युवक और अन्य के खिलाफ एक सिख लड़की के कथित अपहरण और उसे इस्लाम धर्म कबूल कराने को लेकर दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी है। पुलिस ने प्राथमिकी दोनों परिवारों द्वारा एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने के बाद रद्द की है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को दी।
ननकाना साहिब के ग्रंथी की 19 वर्षीय पुत्री को गत अगस्त में लाहौर से करीब 80 किलोमीटर दूर ननकाना साहिब स्थित उसके इलाके से मोहम्मद हसन द्वारा अपहृत कर लिया गया था। हसन ने बाद में उससे कथित रूप से विवाह कर लिया था।
पंजाब प्रांत के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को पीटीआई से कहा, ‘‘लड़की और हसन के परिवारों ने एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं जिसमें उन्होंने मामले को आपस में सुलझाने की बात कही है। लड़की के परिवार ने हसन और उसके परिवार के सदस्य एवं मित्रों के खिलाफ सभी आरोप वापस ले लिये हैं, उनके खिलाफ प्राथमिकी रद्द हो गई है।’’
उन्होंने कहा कि हसन और उसके परिवार के कुछ सदस्यों ने समझौते को देखते हुए अपनी ऐहतियाती जमानत वापस ले ली है।
लड़की के परिवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें उसके परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया था कि पुरुषों के एक समूह ने उनके मकान पर हमला करके लड़की का अपहरण कर लिया था और उसे जबर्दस्ती इस्लाम कबूल कराकर हसन से विवाह करा दिया। इसको लेकर पाकिस्तान के साथ ही भारत में भी चिंताएं उत्पन्न हो गई थीं।
छह व्यक्तियों के खिलाफ कथित तौर पर लड़की का अपहरण करने और उसे इस्लाम कबूल कराने के लिए 29 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने हसन के मित्र अरसलान को गिरफ्तार कर लिया था।
एक अदालत के आदेश पर लड़की को लाहौर के दारुल अमान (आश्रयगृह) भेज दिया था जब उसने न्यायाधीश से यह कहा था कि उसने अपने इलाके के हसन से विवाह अपनी मर्जी से किया था।
सिख लड़की के कथित अपहरण पर सिख समुदाय द्वारा नाराजगी भरी प्रतिक्रिया जताये जाने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार और गवर्नर चौधरी सरवार मामले में हस्तक्षेप करने के लिए बाध्य हुए थे।