नेपाल कांग्रेस के नेता और विधायक प्रदीप गिरी का रविवार दोपहर राजकीय सम्मान के साथ पशुपतिनाथ मंदिर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, गृह मंत्री बाल कृष्ण कंड और विपक्ष के नेता व पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली श्मशान स्थल पर पहुंचे और नेता को श्रद्धांजलि दी।
बागमती नदी के पास स्थित श्मसान में अंतिम संस्कार से पहले गिरी के शव को सनेपा (ललितपुर) में नेपाली कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय में रखा गया था। पूर्व राष्ट्रपति बरन यादव सहित वरिष्ठ राजनेता भी सुबह श्रद्धांजलि देने के लिए मेडिसिटी अस्पताल पहुंचे।
गले में कैंसर और निमोनिया से पीड़ित गिरी का शनिवार को 74 साल की उम्र में रात साढ़े नौ बजे निधन हो गया था।
नेपाली कांग्रेस ने अपने दिवंगत नेता प्रदीप गिरी केो उच्च सम्मान देने के लिए 21, 22, 23 अगस्त को पार्टी के केंद्रीय और अन्य सभी कार्यालयों में पार्टी के झंडे को तीन दिनों के लिए आधा झुकाने का फैसला किया है। पार्टी ने अपने सभी कार्यक्रम तीन दिन के लिए टाल दिए हैं।
पार्टी के केंद्रीय कार्यालय सनेपा में आयोजित केंद्रीय कार्यसमिति की आपात बैठक में आज समाजवादी विचारक, पूर्व केंद्रीय समिति के सदस्य व प्रतिनिधि सभा सदस्य गिरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया।
1 सितंबर को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय और सभी जिला कार्यालयों में एक शोक सभा आयोजित की जाएगी। बैठक में निष्कर्ष निकाला गया कि एक प्रदीप गिरी के निधन से नेपाली लोकतांत्रिक आंदोलन, नेपाली कांग्रेस और पूरे देश को बड़ी क्षति हुई है।
बैठक में दिवंगत गिरी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति की कामना की गई और शोक संतप्त परिवार एवं पार्टी के सभी सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। सभा में दो मिनट का मौन भी रखा गया और दिवंगत को श्रद्धांजलि दी गई।
पूर्वी नेपाल के सिराहा में जन्मे गिरी ने भारत के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की थी। गिरी के पिता नेत्र लाल गिरी नेपाल कांग्रेस के नेता थे। अपने पिता से प्रेरित होकर वह 1961 नेपाल कांग्रेस में शामिल हुए थे।
पंचायती शासन के दौरान गिरी ने चार साल जेल में बिताए। वह नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एक लोकप्रिय नेता था। गिरी ने दो दर्जन से अधिक पुस्तकें भी लिखी हैं। वह नेपाल के उन गांधीवादी राजनेताओं में से एक थे जो मार्क्सवाद की व्याख्या कर सकते थे।