अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) ने शुक्रवार को गोपनीय दस्तावेजों की जांच के सिलसिले में इंडियाना में पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस के आवास की तलाशी ली। मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, माइक पेंस के वकील की ओर से गोपनीय दस्तावेजों की खोज के बारे में जानकारी दी गई। इससे पहले, एफबीआई इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आवास की तलाशी ले चुकी है। एफबीआई ने एक फरवरी को बाइडन के डेलावेयर स्थित आवास की तलाशी ली थी।
पिछले महीने पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस के आवास से गोपनीय दस्तावेज मिले थे। माइक पेंस के वकील ने कहा था कि पूर्व उपराष्ट्रपति के आवास से मिले गोपनीय दस्तावेजों को राष्ट्रीय अभिलेखागार को सौंप दिया गया है। अटॉर्नी द्वारा गोपनीय करार दिए गए दस्तावेज मिलने के बाद एफबीआई यह छापेमारी की जा रही है। एफबीआई पहले ही गोपनीय दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले चुकी है।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पेंस की टीम ने उनके घर या ऑफिस में कोई सीक्रेट दस्तावेज होने की बात से इनकार किया है। जिसे लेकर एफबीआई तलाशी ले रही है। पेंस के प्रतिनिधि सर्च को लेकर न्याय विभाग के साथ बातचीत कर रहे हैं।
क्या है मामला
यह मामला 2009 और 2016 के बीच उपराष्ट्रपति के रूप में पेंस के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति बाइडन के निजी कार्यालय और निवास पर पाए गए गोपनीय दस्तावेजों के मद्देनजर आया है। राष्ट्रीय अभिलेखागार को लिखे पत्र में पेंस के वकील ग्रेग जैकब ने लिखा था कि ये गोपनीय दस्तावेज हाल ही में उनके आवास पर मिले हैं। कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पेंस ने कहा कि इन दस्तावेजों के अस्तित्व के बारे में उन्हें पता नहीं था।
22 जनवरी को जैकब द्वारा राष्ट्रीय अभिलेखागार को लिखे गए दूसरे पत्र की सामग्री के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन एजेंटों ने न्याय विभाग के अनुरोध पर 19 जनवरी को पेंस के इंडियाना घर से दस्तावेज एकत्र किए थे।