अमेरिका के जॉर्जिया में अपने चार सहपाठियों की हत्या के मामले में पुलिस ने एक 14 वर्षीय छात्र से पिछले साल ऑनलाइन धमकियों के बारे में पूछताछ की थी। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने बताया कि पुलिस ने पिछले साल मई में कॉल्ट ग्रे (आरोपी छात्र) से पूछताछ की थी। नाबालिग ने बताया कि उसने इंटरनेट पर कुछ पोस्ट किया था, जिसमें बंदूक की तस्वीरें और स्कूल में गोलीबारी की चेतावनी शामिल थी।
एफबीआई ने कहा कि उसके नेशनल थ्रेट ऑपरेशन सेंटर्स ने एक अज्ञात स्थान और समय पर स्कूल में गोलीबारी करने की ऑनलाइन धमकियों की जानकारी स्थानीय प्रवर्तन निदेशालय को दे दी थी। धमकियों का स्थान निर्धारित होने के बाद पुलिस ने नाबालिग और उसके पिता से बात की। इस दौरान नाबालिग ने ऑनलाइन धमकी वाले आरोप को खारिज कर दिया। उसके पिता ने बताया कि उनके घर पर शिकार करने वाली बंदूकें हैं, लेकिन बच्चे के पास उसे चलाने की अनुमति नहीं है।
एफबीआई ने एक बयान जारी कर कहा, "उस समय बच्चे को गिरफ्तार करने का कोई कारण उनके पास नहीं था।" बुधवार को बच्चे ने अपालाची हाई स्कूल में असॉल्ट राइफल्स से गोलीबारी की, जिसमें दो शिक्षकों और दो छात्रों की मौत हो गई। इसके अलावा आठ अन्य शिक्षक और छात्र भी घायल हो गए हैं। ग्रे को स्कूल परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर अब व्यस्क की तरह मुकदमा चलाया जाएगा। स्कूल की तरफ से सभी अभिभावकों को सूचना दी गई कि गोलीबारी के बाद से स्कूल में लॉकडाउन लगाया गया है।
पीड़ितों ने हादसे को याद करते हुए बताया कि कैसे ग्रे ने छात्रों पर हमला किया था। एक छात्र ने बताया कि उसने ग्रे को गणिक की कक्षा से बाहर निकलते हुए देखा और जब वह वापस आया, तब उसके हाथ में बंदूक थी। एक छात्र ने ग्रे के हाथ में बंदूक देखने के बाद उसके लिए दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया, लेकिन ग्रे उसपर हमले करता रहा। इसके बाद वह दूसरे कमरों की तरफ गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के किसी स्कूल में यह 23वीं गोलीवारी थीं। अबतक ऐसी घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 38 घायल हुए।