अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के गलत इस्तेमाल का मामला सामने आया है। एक जालसाज ने विदेश मंत्री रुबियो की नकली पहचान बनाकर बड़े नेताओं से संपर्क किया। इस घटना के सामने आने के बाद से अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही सभी दूतावासों को सतर्क रहने के लिए भी कहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के गलत उपयोग को लेकर चेतावनी जारी की है। इसके तहत मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि कुछ लोग एआई की मदद से विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अन्य अधिकारियों की नकली आवाज व पहचान बनाकर धोखाधड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट की माने तो बीते दिनों एक जालसाज (फ्रॉड करने वाला व्यक्ति) ने मार्को रुबियो की पहचान बनाकर कम से कम तीन विदेश मंत्रियों, एक अमेरिकी सीनेटर और एक गवर्नर से संपर्क करने की कोशिश की। इतना ही नहीं ये धोखाधड़ी टेक्स्ट मैसेज, सिग्नल ऐप और वॉयस मैसेज के जरिए की गई थी। साथ ही एक एक नकली संदेश की कॉपी एक मीडिया एजेंसी को भी दी गई है।
जांच में जुटा अमेरिकी विदेश मंत्रालय
मामले में विदेश विभाग ने कहा है कि उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी है और जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि वह अपने डेटा और अधिकारियों की पहचान की सुरक्षा को गंभीरता से लेता है, और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए साइबर सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।
सभी दूतावासों को किया गया सतर्क
हालांकि अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस बार की धोखाधड़ी बहुत सफल नहीं रही और न ही वह तकनीकी रूप से बहुत उन्नत थी। फिर भी, एहतियात के तौर पर सभी दूतावासों और विदेशी सरकारों को सतर्क किया गया है ताकि वे ऐसे मामलों से सावधान रहें। गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के साथ हुई यह घटना बताती है कि एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल करके महत्वपूर्ण लोगों की पहचान की नकल करना अब संभव होता जा रहा है, जिससे सरकारें और संस्थाएं भी सतर्क हो रही हैं।