अमेरिका ने इस्राइल के दक्षिणपंथी संगठन तजाव-9 पर प्रतिबंध लगाए हैं। इस समूह पर गाजा को मानवीय मदद पहुंचाने वाले वाहनों को निशाना बनाने का आरोप है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से उठाए गए इस कदम का मकसद वेस्ट बैंक में हिंसा और अशांति के मुद्दों को संबोधित करना है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने गाजा को मानवीय मदद पहुंचाने वाले वाहनों के रास्ते में बाधा डालने और ट्रकों पर हमला करने के लिए इस संगठन पर प्रतिबंध लगाए हैं। विदेश विभाग के मुताबिक, तजाव-9 के सदस्यों ने शुरुआत में गाजा-इस्राइल-मिस्र सीमा के पास महत्वपूर्ण केरेम शलोम क्रॉसिंग को बाधित किया। बाद में ट्रकों में आग लगाई और फिर इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) के जवानों को घायल किया, जिससे गाजा के भीतर भुखमरी का संकट और बढ़ गया।
तजाव-9 क्या है?
तजाव-9 समूह इस साल की शुरुआत में जनवरी में उभरकर सामने आया। इस संगठन को उन परिवारों ने बनाया, जिनके परिजनों को पिछले साल सात अक्तूबर के हमास के हमले के बाद बंधक बनाया गया था। ये लोग गाजा में मानवीय मदद पहुंचाने का विरोध करते हैं। इनका मानना है कि ज्यादातर मदद को हमास तक ही पहुंचती है।
अपने गठन के बाद से तजाव-9 कई गाजा में मदद को रोकने के लिए कई हिंसक गतिविधियों में शामिल रहा है। इस समूह पर मुख्य सड़कों को बाधित करने, ड्राइवरों को परेशान करने और ट्रकों में तोड़फोड़ करने, केरेम शलोम क्रॉसिंग में वाहनों पर हमले करने, ट्रकों में आग लगाने और आईडीएफ के जवानों को घायल करने का आरोप है। तजाव-9 के सदस्यों ने मई में हेब्रोन के पास गाजा को मदद पहुंचाने वाले दो ट्रकों को लूट लिया था और फिर उन्हें आग के हवाले कर दिया। सामने आए वीडियो फुटेज में उन्हें मदद की शिपमेंट में तोड़फोड़ करते, सड़क पर भोजन और चिकित्सा आपूर्ति को गिराते हुए देखा गया था। उनकी इन गतिविधियों ने गाजा में बिगड़ते मानवीय संकट को बढ़ाने में योगदान दिया। जहां अकाल की स्थिति बन गई है।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि तजाव-9 के हमलों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। वहीं, विदेश विभाग के प्रतिबंध नीति के निदेशक आरोप हारून फोर्सबर्ग ने अपराधियों (तजाव-9 के सदस्यों) को जवाबदेह ठहराने के लिए सभी साधनो का इस्तेमाल करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई।