'द न्यूज इंटरनेशनल' अखबार की खबर के मुताबिक, राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) बुशरा बीबी को कथित तौर पर मिले कुछ वित्तीय लेन-देन से जुड़े कुछ सबूतों की जांच कर रहा है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा कि भ्रष्टाचार रोधी निगरानी संस्था को कुछ नए सबूत मिले हैं जिनकी अगर पुष्टि हो जाती है तो बीबी का दर्जा 'गवाह' से आरोपी में बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि एनएबी की आरोपी बनने के अलावा बीबी (49 वर्षीय) को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख इमरान खान को पिछले साल मार्च में वॉशिंगटन में देश के दूतावास द्वारा भेजे गए एक गोपनीय राजनयिक केबल (सिफर) का खुलासा करने के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद इस साल अगस्त में गिरफ्तार किया गया था।
इस बीच, एनएबी ने इमरान खान के कथित भ्रष्टाचार के मामलों 'तोशाखाना' और 'ब्रिटेन की एनसीए (राष्ट्रीय अपराध एजेंसी) 190 मिलियन पाउंड' के निष्कर्ष की दिशा में अपनी जांच भी तेज कर दी है, जिसे अल-कादिर ट्रस्ट मामले के रूप में भी जाना जाता है। सूत्रों के मुताबिक, एनएबी जल्द ही इन जांचों को पूरा कर सकता है और मामले दर्ज करने के बारे में फैसला कर सकता है।
'डॉन' अखबार की खबर के मुताबिक, जवाबदेही ब्यूरो ने अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में बीबी और उनकी करीबी सहयोगी फराह शहजादी को भी 13 नवंबर को तलब किया है। गुरुवार को विभिन्न टीवी चैनलों ने सरकारी सूत्रों के हवाले से शहजादी के कथित भ्रष्टाचार की खबर दी थी। यह दावा किया गया था कि शहजादी की घोषित और गैर-घोषित संपत्ति में 2017 से 2020 तक 4,520 मिलियन रुपये की वृद्धि हुई थी।