'डॉन' अखबार की खबर के मुताबिक खार ने कहा, "इमरान लोकलुभावनवाद के पोस्टर बॉय हैं। वह हर किसी को यह बताने में सक्षम थे कि क्या गलत हो रहा है और क्या अन्याय है। लेकिन, जब वह सत्ता में आए, तो उनके पास उन लोगों को समस्या से बाहर निकालने के लिए कोई योजना नहीं थी। वह जब सरकार में भी होते हैं, तब भी विपक्ष की तरह काम करते हैं।"
खार अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक देश की विदेश की विदेश मंत्री रहीं। वहीं, इमरान खान अगस्त 2018 में प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन, अप्रैल 2022 में अविश्वास मत के जरिए उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया गया था। इमरान खान अभी भ्रष्टाचार के मामले में रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। खार ने इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) और उनकी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का जिक्र किया और कहा कि आरोप-प्रत्यारोप की तुलना में सुलह बेहतर रास्ता है।
आठ फरवरी को पाकिस्तान में आम चुनाव के त्रिशंकु परिणाम सामने आए। जिसके दो हफ्ते बाद मंगलवार की रात पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने घोषणा की कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के शहबाज शरीफ एक बार फिर प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे। पीपीपी के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी राष्ट्रपति पद के लिए साझा उम्मीदवार होंगे। खबर में खार के हवाले से कहा गया, मुझे उम्मीद है कि वह समय आएगा जब हम एक साथ होंगे और महसूस करेंगे कि आरोप-प्रत्यारोप की जगह सुलह कहीं बेहतर रास्ता है।