बांग्लादेश में नई अंतरिम सरकार बनने के बाद से लगातार सख्ती जारी है। यहां की पूर्व स्पीकर शिरीन शर्मिन चौधरी और पूर्व वाणिज्य मंत्री टीपू मुंशी पर अब शिकंजा कसा गया है। इन्हें हाल ही में आरक्षण को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक सुनार की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
रैपिड एक्शन बटालियन ने ढाका के गुलशन से 74 साल के मुंशी को रंगपुर में दर्ज हत्या के मामले में बुधवार रात गिरफ्तार किया।
17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
बता दें, 38 वर्षीय सुनार मुस्लिम उद्दीन मिलन की हत्या के आरोप में मुंशी और पूर्व स्पीकर चौधरी सहित 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा, मामले में कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। 46 साल की चौधरी ने अप्रैल 2013 से अगस्त 2024 तक बांग्लादेश जातीय संसद की पहली महिला स्पीकर के रूप में काम किया।
यह है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट अनुसार, मिलन की 19 जुलाई को रंगपुर में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब सरकारी नौकरियों में विवादास्पद आरक्षण प्रणाली के खिलाफ छात्र आंदोलन कर रहे थे। ये आंदोलन बाद में एक जन विद्रोह में बदल गया था। हालात इतने बदतर हो गए थे कि पांच अगस्त को 76 वर्षीय हसीना शेख को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर भारत भागना पड़ा।
आवामी लीग और छात्रों के बीच हुई थी झड़प, तभी...
जब सिटी बाजार इलाके में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों और अवामी लीग के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, तो पुलिस ने आदेश के तहत अंधाधुंध गोलीबारी करनी शुरू कर दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान मिलन को भी गोली लग गई और उसे रंगपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मरने वालों की संख्या 600 से अधिक
हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद देश भर में भड़की हिंसा की घटनाओं में 230 से अधिक लोग मारे गए थे। हालांकि, जुलाई के मध्य में छात्रों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से मरने वालों की संख्या 600 से अधिक हो गई थी।हसीना सरकार के गिरने के बाद अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता, सांसद और पूर्व मंत्री छिप गए थे। मुंशी भी पांच अगस्त से छिपे हुए थे। वह अवामी लीग सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल में वाणिज्य मंत्री बने थे।