क्रोएशिया के चुनावों में कांटे की टक्कर के बाद विपक्षी दावेदार कोलिंदा ग्रैबर किटारोविक देश की पहली महिला राष्ट्रपति बन गई हैं। गिने हुए मतपत्रों में कोलिंदा ने जहां 50।5 फीसदी मत हासिल किए हैं वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे ईवो जोसीपोविक को 49।5 फीसदी वोट मिले।
हार स्वीकार कर इवो ने कोलिंदा को राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी है। कोलिंदा की जीत इस बात का संकेत देती है कि मंदी के छह साल के शासन में वामपंथी गठबंधन की विफलता के बाद क्रोएशिया दक्षिणपंथी विचारधारा की ओर बढ़ रहा है।
2015 के अंत में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले होने वाले इन चुनावों को वहां मुख्य दलों की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
दूसरे राउंड में दोनों प्रतिभागियों में अधिकतर एक प्रतिशत का अंतर बना रहा। दो हफ्ते पहले यह आंकड़ा करीब 58.9 फीसदी था, जो पहले राउंड से करीब 12 फीसदी अधिक था।
कोलिंदा ग्रैबर किटारोविक, क्रोएशियन डेमोक्रेटिक यूनियन की एक राजनीतिक रूढ़िवादी सदस्य हैं, जिन्होंने 1991 में देश को यूगोस्लाविया से आजाद कराने में मदद की थी। 46 वर्षीय कोलिंदा पूर्व विदेश मंत्री और नाटो की सेक्रेटरी जनरल रह चुकी हैं।