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'मेरे भाई को नकली मुसलमानों ने मारा'

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शार्ली एब्डो हमले में मारे गए फ्रांसीसी मुसलमान पुलिस अधिकारी अहमद मेराबत के भाई मलिक मेराबत शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के मार्फत शांति की अपील की।
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शांति की अपील करते हुए मलिक मेराबत ने कहा है कि मेरे भाई को मारने वाले लोग मुसलमान होने का ढोंग करते हैं। उन्होंने कहा, "इस्लाम शांति, प्यार और भाइचारे का धर्म है, यह पागलपन और चरमपंथ नहीं है। इस्लाम को चरमपंथ से कोई मतलब नहीं है।"

उन्होंने कहा कि मेरे भाई को खुद के पुलिकर्मी होने और गणतंत्र के मूल्यों की रक्षा करने पर गर्व था। मलिक ने कहा, "मेरा भाई मुसलमान था, लेकिन उसको मारने वाले मुसलमान नहीं चरमपंथी हैं। उसके अलावा और कुछ नहीं।"
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उन्होंने कहा, "मैं सभी नस्लवादी और यहूदी विरोधी (जो चरमपंथी और मुसलमान में भेद नहीं कर पाते), उनसे कहना चाहता हूं कि पागलपन का कोई धर्म या रंग नहीं होता।"
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मलिक ने बताया कि 20 साल पहले पिता की मृत्यु के बाद से ही अहमद ने मां और परिवार को संभाला। उन्होंने कहा, "इस बर्बर कृत्य से हमारा घर बर्बाद हो गया। हम हमले में मारे गए लोगों के परिजनों का दर्द महसूस कर सकते हैं।"
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