ब्रिटेन सरकार ने 'अपस्कर्टिंग' को घिनौना अपराध करार दिया है और अब इस जुर्म के लिए दो साल तक जेल की सजा होगी। मंगलवार को हाउस ऑफ लॉर्ड्स में अपस्कर्टिंग पर बिल पारित कर दिया गया। अपस्कर्टिंग के खिलाफ कानून बनाने के लिए ब्रिटेन में महीनों से अभियान चलाया जा रहा था। इस बड़े बदलाव का श्रेय 26 साल की जीना मार्टिन के सिर बांधा गया है। मार्टिन ने अपने साथ हुई घिनौनी हरकत को नजरअंदाज नहीं किया और इसके खिलाफ 18 महीने तक अभियान चलाकर करीब एक लाख लोगों को इस मुहिम से जोड़ा। इसके दबाव में ही सरकार को कानून बनाकर सजा का प्रावधान करना पड़ा।
अपस्कर्टिंग के खिलाफ चलाए गए इस अभियान में हजारों महिलाओं ने अपने हस्ताक्षर किए और इस अश्लील व्यवहार का शिकार होने के अपने अनुभव साझा किए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल जून में न्याय मंत्रालय ने कहा था कि वह अपस्कर्टिंग को जुर्म मानने को अपना समर्थन देगा। अब बिल पास होने के बाद इंग्लैंड और वेल्श में इसे अपराध बना दिया जाएगा।
क्या होता है अपस्कर्टिंग?
अपस्कर्टिंग यानी स्कर्ट पहनी किसी युवती या महिला की स्कर्ट के नीचे से उसकी सहमति के बिना फोटो लेना। यह ब्रिटेन में सार्वजनिक जगहों पर युवा कामकाजी महिलाओं और लड़कियों के लिए अक्सर समस्या बन जाती थी। इसकी बड़ी वजह यह थी कि वहां कानून में इस हरकत को अपराध ही नहीं माना गया था। इसलिए पुलिस से शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं होती थी।
जीना मार्टिन के साथ क्या हुआ था?
ब्रिटेन में अपस्कर्टिंग के खिलाफ जीना मार्टिन नाम की एक महिला ने अभियान शुरू किया था। दरअसल 26 साल की जीना मार्टिन को एक म्यूजिक फेस्टिवल में अपस्कर्टिंग का सामना तब करना पड़ा था, जब उनके पीछे खड़े एक शख्स ने उनकी स्कर्ट के बीच अपना फोन रखकर फोटो खींच ली थी।
जीना ने इस घिनौनी हरकत की शिकायत जब पुलिस में की तो वो ये जानकर हैरान रह गईं कि अपस्कर्टिंग कानूनी अपराध ही नहीं है। पुलिस इसकी शिकायत पर आरोपी व्यक्ति से फोटो डिलीट करवा सकती है लेकिन इससे ज्यादा एक्शन नहीं लिया जाएगा।
जीना ने ऐसे शुरू किया आंदोलन
इसके कुछ दिन बाद जीना ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर इस घटना के विरोध में खिलाफ अपनी नारजगी जताई। उनका यह पोस्ट फेसबुक पर वायरल हो गया। उन्हें बहुत सी लड़कियों ने अपनी आपबीती सुनाई, तब जीना को एहसास हुआ कि ये कोई छोटी समस्या नहीं है। और फिर शुरुआत हुई इसके खिलाफ अभियान चलाने की।
ब्रिटेन में इसे लेकर महिलाओं ने आवाज उठाना शुरू कर दिया। क्योंकि वहां के लड़के बेशर्म होकर इस तरह की तस्वीरें खींचा करते हैं। बेशर्मी इसलिए क्योंकि वहां अपस्कर्टिंग को अपराध नहीं माना जाता। और जो चीज अपराध ही नहीं उसके लिए भला लोग क्यों शर्म करेंगे?
फिर तस्वीर लेकर उसे देखकर हंसना और दोस्तों के साथ शेयर करना, किसी भी लड़की के लिए अपमान के घूंट पीने जैसा होता है। जीना ने यह तय कर लिया कि यह एक तरह का यौन शोषण है और वह इस शर्मनाक हरकत के लिए किसी को माफ नहीं करने वाली।
ऐसे बना कानून
एक लाख लोगों के हस्ताक्षर लेकर उसने अभियान की शुरुआत की। इस मुद्दे पर समाज में इतनी बहस होने लगी कि संसद में भी इसकी चर्चा हुई। एक बार यह बिल संसद में अटक गया लेकिन जीना अपने संघर्ष में डटी रहीं। आखिर जीना का संघर्ष मुकाम तक पहुंचा और मंगलवार को अपस्कर्टिंग के खिलाफ बिल पास हो गया।
महिलाओं के आत्मसम्मान के लिए जंग लड़नेवाली जीना मार्टिन कहती हैं, "मैं भीड़ का हिस्सा नहीं बनीं। मैं चाहती थी कि अपस्कर्टिंग के लिए कानून बने और इसके लिए मैंने पुरजोर संघर्ष किया। और आखिरकार मुझे मंजिल मिल गई।"