इक्वाडोर की एक जेल में प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच हिंसक झड़प में 44 कैदियों की मौत हो गई। गृहमंत्री पेट्रीसियो कैरिलो ने बताया कि सैंटो डोमिंगो स्थित बेलाविस्टा जेल में कुछ कैदी अन्य कैदियों पर हमला करने के इरादे से अपनी-अपनी कोठरी से बाहर निकल आए और हमला शुरू कर दिया।
गृहमंत्री ने कहा, इस बात के सबूत मिले हैं कि जिन लोगों की जान गई उन पर चाकू से हमला किया गया था। अधिकतर शवों पर चाकू से गोदे जाने के निशान हैं। उन्होंने कहा, कैदियों के रिश्तेदारों की शवों को उनके गृहनगर ले जाने में मदद की जाएगी।
जेल को पुलिस द्वारा फिर नियंत्रण में लेने के बाद वहां से बंदूकें, विस्फोटक व अन्य हथियार बरामद हुए हैं। हिंसा के दौरान 220 कैदी भाग निकले, जिनमें से 112 को फिर से पकड़ लिया गया है। करीब एक महीने से कुछ पहले भी इक्वाडोर की एक अन्य जेल में हुए दंगे में 20 लोगों की मौत हो चुकी है।
पूर्वी कांगो में विद्रोहियों का खूनी खेल, 50 से ज्यादा मारे गए
पूर्वी कांगो के इटुरी प्रांत में एक खदान के नजदीक स्थित गांव पर विद्रोहियों के हमले में कम से कम 52 लोग मारे गए। मोंगवालू के मेयर ज्यां-पियरे बिकिलिसेंडे ने कहा, ‘सीओडीईसीओ’ नामक आतंकी गुट के लड़ाकों ने कबलांगेटे कस्बे पर हमला किया। मारे गए लोगों के अलावा 100 से ज्यादा नागरिक लापता हैं। कांगो सरकार ने आतंकवादियों द्वारा मासूम नागिरकों पर किए गए बर्बर एवं कायरतापूर्ण हमले की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र ने भी हमलों की निंदा की है।
अफगानिस्तान में 63 आईएस आतंकियों ने किया सरेंडर
पूर्वी अफगानिस्तान के नानगरहर प्रांत में आईएस से जुड़े 63 आतंकियों ने सुरक्षा अधिकारियों के सामने हथियार डाल दिए। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दावा किया, इन्हें कानून के मुताबिक सजा दी जाएगी। वर्ष 2021 के बाद से कट्टरपंथी आईएस से जुड़े 600 से ज्यादा आतंकी अब तक अधिकारियों के सामने हथियार डाल चुके हैं।
इंडोनेशिया में अवैध रूप से घुसे पाकिस्तानी मांग रहे ‘जकात’
अवैध परमिट पर इंडोनेशिया में घुसे पाकिस्तानी प्रवासी वहां की मस्जिदों में जाकर जकात (इस्लाम में गरीबों की मदद के लिए दान) मांग रहे हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि इनकी गतिविधियों पर काबू पाना इंडोनेशियाई सरकार के लिए चुनौती बन गया है। दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश इंडोनेशिया में जकात खूब प्रचलित है, लेकिन अवैध पाकिस्तानियों के कारण लोग परेशान हैं।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे अवैध प्रवासियों को जल्द ही वापस पाकिस्तान भेजने की तैयारी है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक मस्जिद में जकात मांगने पहुंचे दो विदेशियों को लोगों ने दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उन्हें अप्रवासन अधिकारियों को सौंप दिया। दो माह में यह तीसरा मौका है, जब पाकिस्तानियों को इंडोनेशिया में अवैध रूप से धन जुटाने की कोशिश में पकड़ा गया है। इस आरोप में पकड़े गए चार पाकिस्तानियों को पहले ही वापस भेजा जा चुका है।
पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर नया केस दर्ज
सीआईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र का एक नया मामला दर्ज किया है। सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस के विधायक ए. रामकृष्ण रेड़्डी की नौ मई को नायडू, पूर्व मंत्री पी नारायण और कुछ कारोबारियों के खिलाफ कई अवैध और भ्रष्ट गतिविधियों की शिकायत पर यह रिपोर्ट दर्ज की गई है।
राहुल समेत 70 नेता ट्रेन से जाएंगे उदयपुर
कांग्रेस को पटरी पर लाने के लिए होने जा रहे चिंतन शिविर में पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ करीब 70 वरिष्ठ नेता ट्रेन से उदयपुर जाएंगे। इसके लिए ट्रेन के दो कोच बुक कराए गए हैं। जानकारी के अनुसार, पार्टी ने मेवाड़ एक्सप्रेस के दो डिब्बे बुक किए हैं। रेल मंत्रालय से पार्टी ने अलग बोगी के लिए संपर्क किया था। राहुल गांधी 12 मई को दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से उदयपुर रवाना होंगे।
तेलंगाना में कांग्रेस नेता के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज
तेलंगाना में कांग्रेस की जिला कमेटी (डीसीसी) अध्यक्ष के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि 45 वर्षीय महिला की शिकायत पर नारायणपेट जिले के कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला ने बताया कि वह 2020 में कांग्रेस नेता से मिली थी, जिसके बाद कांग्रेस नेता ने पहले उससे प्यार का नाटक किया। बाद में शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक फोटो भी खींचे।
जस्टिस शरण के कोर्ट से वादी कभी खाली हाथ नहीं लौटा : सीजेआई
सीजेआई एनवी रमण ने सुप्रीम कोट से विदा हो रहे जस्टिस विनीत शरण को आम आदमी का जज बताया। जस्टिस शरण के मंगलवार को हुए विदाई समारोह में सीजेआई ने कहा, वह सामाजिक वास्तविकताओं के प्रति सचेत थे और वास्तविक मुद्दों को लेकर उनकी कोर्ट में आया कोई वादी कभी खाली हाथ नहीं लौटा। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विदाई सामरोह में सीजेआई ने कहा, जस्टिस शरण निष्पक्ष और न्यायसंगत न्यायाधीश हैं। उनका दृढ़ विश्वास है कि न्यायाधीश स्वयं निष्पक्षता और समानता का प्रतिनिधित्व करते हैं।