म्यांमार के भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए भारत ने नौसेना के दो जहाजों सतपुड़ा और सावित्री की मदद से राहत सामग्री भेजी है। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भेजी गई ये मानवीय मदद लेकर दोनों जहाज 29 मार्च को रवाना हुए। बता दें कि म्यांमार भूकंप में 1644 से अधिक मौतें हुई हैं, जबकि 2000 से अधिक लोग हताहत हुए हैं।
म्यांमार के भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। पीड़ितों की मदद के लिए वायुसेना की मदद से खेप भेजी गई है। एनडीआरएफ की टीम को भी म्यांमार भेजा गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के आगरा से फील्ड अस्पताल के 118 चिकित्साकर्मी भी म्यांमार भेजे गए हैं। इसके अलावा अब नौसेना की टीम राहत और बचाव सामग्री लेकर यांगून रवाना हुई है।
ऑपरेशन ब्रह्मा के मायने
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एक दिन पहले विदेश मंत्रालय ने ऑपरेशन ब्रह्मा को लेकर जानकारी दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया था कि ब्रह्मा सृजन के देवता हैं, इसलिए ऑपरेशन के यह नाम विशिष्ट है। उन्होंने कहा, संकट के समय सबसे पहले मदद करना भारत की विदेश नीति का हिस्सा है।
संकट के समय मदद करना भारत की नीति
विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला देश रहा है। जब चक्रवात यागी ने म्यांमार पर कहर बरपाया था, उस समय भी भारत ने अभियान चलाया था। हमने म्यांमार के लोगों को राहत, सामग्री, मानवीय सहायता प्रदान की, न केवल म्यांमार के लोगों को बल्कि कई अन्य देशों को भी जो इससे प्रभावित हुए थे।
भूकंप में बैंकॉक की 33 मंजिला इमारत गिरी
गौरतलब है कि म्यांमार में आए भूकंप के कारण थाईलैंड में भी बड़ा नुकसान हुआ है। एक वीडियो में बैंकॉक की 33 मंजिला इमारत गिरती देखी गई थी। इस मामले में चीन का कनेक्शन होने की खबर सामने आई है। इस प्रकरण में थाईलैंड सरकार ने जांच शुरू की है।