विदेश मंत्री जयशंकर ने इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो से बातचीत की। उन्होंने गुरुवार को रोम में हुई मुलाकात के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "आज रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो से मिलकर खुशी हुई। एजेंडा हमारी नवीनीकृत रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।" जयशंकर के अनुसार उन्होंने इतालवी रक्षा मंत्री के आकलन की सराहना की और भारत-इटली रक्षा उद्योग सहयोग के लिए उनके सुझावों को महत्व दिया।
पुर्तगाल और इटली की अपनी चार दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुंचे जयशंकर ने भारत और इटली के बीच गहरी होती साझेदारी पर सीनेट के सदस्यों के साथ भी बातचीत की। एक्स पर एक अन्य पोस्ट में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "हमारी गहरी होती साझेदारी पर सीनेट की बातचीत के साथ इटली यात्रा शुरू हुई। सह-अध्यक्षता के लिए सेन गिउलिओ टेरज़ी और सेन रॉबर्टो मेनिया को धन्यवाद।"
विदेश मंत्री ने कहा कि पार्टी लाइनों से परे भारत के लिए गर्मजोशी से भरी भावनाओं को देखकर वे अभिभूत हैं। खबरों के अनुसार, जयशंकर अपने समकक्ष एंटोनियो ताजानी से भी मुलाकात करेंगे। बता दें कि मार्च में इटली के प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की नई दिल्ली यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच संबंध 'रणनीतिक साझेदारी' तक बढ़ गए थे।
विदेश मंत्री जयशंकर ने आधिकारिक इटली दौरे की शुरुआत के समय बुधवार को इतालवी सीनेट सदस्यों के साथ बातचीत की। एक्स पोस्ट में विदेश मंत्री ने इटली में अपनी गतिविधियों के बारे में बात की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर बीते 31 अक्टूबर से ही विदेश दौरे पर हैं। 3 नवंबर तक पुर्तगाल और इटली की अपनी आधिकारिक यात्रा पर रहने के दौरान जयशंकर ने कई अहम संवाद किए। खबरों के मुताबिक जयशंकर 'मेड इन इटली' मंत्री से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्री देश के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात की उम्मीद है।
बता दें कि जयशंकर 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक दो दिनों के लिए पुर्तगाल में थे। गौरतलब है कि भारत और इटली के बीच मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंध के साथ-साथ बहुआयामी द्विपक्षीय सहयोग है। बता दें कि इटली और यूरोपीय यूनियन (EU) में भारत के शीर्ष 5 व्यापारिक साझेदारों में से एक है। 80 के दशक की शुरुआत से ही व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में रहा है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि डॉ जयशंकर भारत-इटली संसदीय मैत्री समूह के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे। उनका भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बैठक का भी प्लान है। बता दें कि इटली में भारतीय समुदाय ब्रिटेन के बाद यूरोप में भारतीयों का दूसरा सबसे बड़ा समुदाय है।
इटली पहुंचने से पहले बीते एक नवंबर को विदेश मंत्री जयशंकर ने पुर्तगाल में भारतीय प्रवासियों को संबोधित किया था। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ के करीबी संबंधों को बढ़ावा देने में भूमध्यसागरीय देश की भूमिका को रेखांकित किया था। उन्होंने भारतीय समुदाय से भारत-पुर्तगाल राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ समारोह में योगदान देने का भी आग्रह किया। विदेश मंत्री ने वैश्विक कार्यस्थल में प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी की प्रासंगिकता को पहचान कर सीधी हवाई कनेक्टिविटी की जरूरत पर बल दिया।