बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग उपक्रम (बिम्सटेक) की बैठक आज बैंकॉक में हुई। भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने बताया कि बैठक सकारात्मक रूप से पूरी हुई। इस दौरान सभी विदेश मंत्रियों के बीच समस्याओं पर खुली और दूरदर्शी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हमारा साझा उद्देश्य विकास और समृद्धि को बढ़ावा देना है।
बता दें, बिम्सटेक (BIMSTEC) में सात सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें से पांच दक्षिण एशिया (बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका) से और दो म्यांमार और थाईलैंड सहित दक्षिण पूर्व एशिया से हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि बैठक में उन चुनौतियों को सामने रखा गया है, जिसका आज हम सभी सामना कर रहे हैं। बिम्सटेक सदस्यों के बीच इन समस्याओं से निपटने के लिए समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने आगे कहा कि सहयोग के नए क्षेत्रों में प्रवेश के लिए हम सभी ने नए पहलुओं और गतिविधियों को तलाशा। उन्होंने कहा कि हम सभी की चिंताएं भोजन, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं। मंत्री ने कहा कि हमारा साझा उद्देश्य विकास और समृद्धि को बढ़ावा देना है। इन विचारों को आगे बढ़ाने के लिए हमें कई बार मिलने की जरूरत है।
नेपाल और बांग्लादेश के विदेश मंत्रियों से मिले जयशंकर, सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिम्सटेक की बैठक में नेपाल और बांग्लादेश के विदेश मंत्रियों के साथ उनकी मुलाकात के दौरान क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई और नेतृत्व की तरफ से निर्धारित एजेंडे पर अमल के लिए मिलकर काम करने पर सहमति बनी। जयशंकर ने कहा, नेपाल के विदेश मंत्री नारायण प्रकाश सऊद और बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल मोमेन के साथ बैठक सकारात्मक रही। हमने निर्धारित सहयोग के एजेंडे को मिलकर लागू करने पर सहमति जताई।
इससे पूर्व, जयशंकर ने थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा के साथ मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से उनका अभिवादन किया। उन्होंने बिम्सटेक के अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भी चर्चा की और इस दौरान समन्वयन बढ़ाने पर बात की।
पीएम मोदी की तारीफ
गौरतलब है, इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने भारतीय समुदाय के लोगों से बात की थी। उन्होंने इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की तो वहीं अपने राजनयिक से राजनेता बनने के सफर के बारे में बताया। उन्होंने भारतीय पीएम की तारीफ करते हुए कहा था कि उनमें एक खास बात यह है कि वो कई चीजों की नब्ज पकड़ लेते हैं और उसे नीतियों और कार्यक्रमों में बदल देते हैं। उन्होंने एक राजनयिक से राजनेता बनने तक की अपनी यात्रा पर कहा था कि एक राजनयिक के रूप में हमेशा राजनेताओं के साथ काम किया, लेकिन बिना किसी सप्ताहांत के राजनीति की 24x7 दुनिया में प्रवेश करना अलग है।