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Netherlands: नीदरलैंड सरकार का बड़ा फैसला, इस्राइली पीएम के दो करीबी मंत्रियों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध

Tue, 29 Jul 2025 05:47 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हेग।

सार

Netherlands: नीदरलैंड ने गाजा में जारी युद्ध के बीच इस्राइल के दो दक्षिणपंथी मंत्रियों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। विदेश मंत्री ने कहा कि गाजा में युद्ध अब बंद होना चाहिए और मानवीय स्थिति में सुधार जरूरी है। इस कदम से पहले ब्रिटेन, कनाडा समेत कई देश इन मंत्रियों पर आर्थिक प्रतिबंध लगा चुके हैं।
 
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इतामार बेन-ग्वीर और वित्त बेजेलेल स्मोट्रिच - फोटो : एक्स/इतामार बेन-ग्वीर और वित्त बेजेलेल स्मोट्रिच
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विस्तार
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नीदरलैंड ने गाजा में बिगड़ते हालात के बीच दो दक्षिणपंथी इस्राइली मंत्रियों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह जानकारी नीदरलैंड के विदेश मंत्री कैस्पर वेल्डकैंप ने दी।
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इन प्रतिबंधों और कुछ अन्य कदमों की घोषणा सोमवार देर रात सांसदों को भेजे गए एक पत्र में की गई। वेल्डकैंप ने पत्र में लिखा, गाजा में युद्ध रुकना चाहिए। यह प्रतिबंध इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर और वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच पर लगाया गया है। ये दोनों प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार में अहम सहयोगी हैं।

दोनों मंत्री यहूदी बस्तियों और गाजा में युद्ध जारी रखने के समर्थक हैं। दोनों वहां के फलस्तीनियों को ‘स्वेच्छा से पलायन’ के लिए प्रोत्साहित करने और यहूदी बस्तियां बसाने के पक्षधर हैं। पिछले महीने ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और नॉर्वे ने भी इन दोनों मंत्रियों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे।
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मंगलवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के नेता मिलेंगे और इस्राइल के साथ व्यापार समझौते की समीक्षा करेंगे। नीदरलैंड चाहता है कि इस समझौते के कुछ हिस्सों को निलंबित किया जाए। बेन-ग्वीर और स्मोट्रिच ने प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया दी है। स्मोट्रिच ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूरोपीय नेता इस्लामी चरमपंथ के झूठ के सामने झुक रहे हैं और भविष्य में यहूदी शायद यूरोप में भी सुरक्षित न रह सकें।

बेन-ग्वीर ने कहा कि वह अपना काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यूरोप में एक यहूदी मंत्री को नापसंद किया जाता है, आतंकियों को आजादी दी जाती है और यहूदियों का बहिष्कार किया जाता है। 

अक्तूबर में होने वाले चुनावों से पहले नीदरलैंड की सरकार पर इस्राइल नीति में बदलाव को लेकर दबाव बढ़ रहा है। पिछले हफ्ते देशभर के रेलवे स्टेशनों पर हजारों लोगों ने गाजा में खाने की कमी के खिलाफ बर्तन और चम्मच बजाकर प्रदर्शन किया। सरकार ने यह भी कहा है कि वह नीदरलैंड में इस्राइली राजदूत को तलब करेगी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू से गाजा पट्टी में मानवीय स्थिति को जल्द और प्रभावी ढंग से सुधारने के लिए कदम उठाने की मांग करेगी।
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अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद इस्राइल ने पिछले सप्ताहांत कुछ मानवीय राहत उपायों की घोषणा की, जिनमें युद्धविराम के दौरान राहत सामग्री को विमान से गिराना और पहुंच शामिल है। लेकिन गाजा में रहने वाले लोगों का कहना है कि जमीनी हालात में अब तक कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।

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