पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि अगर वह फिर से राष्ट्रपति चुने जाते हैं तो इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) उपचार की प्रक्रिया को किफायती बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी महिलाओं को आईवीएफ तकनीक से गर्भधारण करने की प्रक्रिया को स्वास्थ्य बीमा के तहत कवर कराया जाएगा। ट्रंप ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में ये बातें कही। ट्रंप ने कहा कि 'हम बीमा कंपनियों को आईवीएफ उपचार के लिए बाध्य करेंगे।'
कमला हैरिस ने साधा निशाना
वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने ट्रंप के इस बयान पर निशाना साधा है। हैरिस ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'अगर डोनाल्ड ट्रंप जीतते हैं तो वे गर्भपात को प्रतिबंधित कर देंगे।' कमला हैरिस ने कहा कि 'ट्रंप न सिर्फ गर्भपात को प्रतिबंधित कर देंगे बल्कि एक राष्ट्रीय गर्भपात विरोधी समन्वयक बनाने का भी उनका इरादा है, जो राज्यों को महिलाओं के गर्भपात और गर्भपात के मामलों को रिपोर्ट करने के लिए मजबूर करेगा।' बता दें कि अमेरिकी चुनाव में गर्भपात का मुद्दा भी काफी चर्चा में है।
हश मनी मामले में अदालत पहुंचे ट्रंप
डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार देर रात संघीय अदालत में अपील दायर की है। इस अपील में ट्रंप ने न्यूयॉर्क में अपने खिलाफ चल रहे हश मनी लेनदेन (पैसे लेकर चुप रहने के मामले में) मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ट्रंप ने कहा है कि अगले महीने उनकी सजा पर सुनवाई होनी है। ट्रंप ने इस सुनवाई को अनिश्चित काल के लिए टालने की मांग की है।
डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों ने मैनहट्टन में संघीय अदालत से न्यूयॉर्क की अदालत में चल रहे मामले पर सुनवाई करने की अपील की है। अभियोजकों ने इसे ट्रम्प के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया और राष्ट्रपति प्रतिरक्षा पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का उल्लंघन भी बताया। ट्रम्प के वकीलों ने कहा कि मामले को संघीय अदालत में ले जाने से उन्हें निष्पक्ष मंच मिलेगा। ट्रंप के वकीलों ने ये भी कहा कि जब मामला संघीय अदालत में आ जाएगा तो वे फैसले को पलटने और मामले को खारिज करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि राज्य अदालत इस पर सुनवाई जारी रखती है और सजा की कार्यवाही निर्धारित समय पर होती है, तो यह चुनाव में हस्तक्षेप के बराबर हो सकता है।