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अमेरिका: स्पेस फोर्स के बाद अब एआई फोर्स की तैयारी, ट्रंप का बड़ा एलान, बोले- यह अगली औद्योगिक क्रांति

Sun, 20 Sep 2026 08:06 AM IST
देवेश त्रिपाठी आईएएनएस, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर नई पहल का संकेत दिया है। उन्होंने 'एआई फोर्स' गठित करने और इसके लिए एक 'एआई सीजर' नियुक्त करने की बात कही है। ट्रंप ने तकनीक के विस्तार को रोकने के बजाय उसकी निगरानी और मदद करने की नीति पर जोर दिया।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह 'एआई फोर्स' बनाने की तैयारी कर रहे हैं और जल्द ही एक 'एआई सीजर' की नियुक्ति की घोषणा करेंगे। ट्रंप ने कहा कि वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र को 'खत्म या नष्ट' होने देने के लिए चुपचाप नहीं बैठेंगे।
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ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका इस महत्वपूर्ण उद्योग के विकास को किसी भी तरह बाधित या रोकने का काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "हम किसी भी तरह इस अविश्वसनीय उद्योग के विकास में बाधा नहीं डालेंगे या उसे दबाएंगे नहीं। इसके बजाय, हम इसे महत्व देंगे, इसकी मदद करेंगे और इसके बढ़ने के साथ इस पर नजर रखेंगे। हालांकि, हम बुरे कामों पर भी नजर रखेंगे और मौजूदा आपराधिक और दीवानी न्याय व्यवस्था के जरिये ऐसा आसानी से कर सकते हैं।"

ट्रंप पहले बना चुके हैं स्पेस फोर्स?
डोनाल्ड ट्रंप ने 2019 में अमेरिकी दबदबे को अंतरिक्ष में बढ़ाने के लिए स्पेस फोर्स का गठन किया था। वहीं, हाल ही में अमेरिका ने पहली बार स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि उसके पास अंतरिक्ष की कक्षा में तैनात ऐसे हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल शत्रु की कार्रवाई का मुकाबला करने के साथ-साथ आक्रामक और रक्षात्मक दोनों अभियानों में किया जा सकता है। यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका, चीन और रूस के बीच अंतरिक्ष में सैन्य वर्चस्व की होड़ तेज हो रही है। 
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क्या एआई है इंटरनेट जैसी क्रांति?
ट्रंप ने एआई को अगली औद्योगिक क्रांति या इंटरनेट जैसा बताया। उन्होंने कहा कि यह तकनीक अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद में 25 प्रतिशत तक योगदान दे सकती है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में एआई के 'नष्ट होने' को डेमोक्रेट्स की ओर से फैलाए जा रहे 'कई झूठे दावों' में से एक बताया। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तापमान बढ़ने के मुद्दे को भी ऐसे ही दावों की सूची में शामिल किया और कहा कि इनसे अमेरिका को 'नुकसान' पहुंच रहा है।

हालांकि, ट्रंप ने प्रस्तावित 'एआई फोर्स' की संरचना या 'एआई सीजर' की जिम्मेदारियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, यह घोषणा अमेरिका में एआई के तेजी से विकास और इससे जुड़े संभावित जोखिमों को लेकर जारी बहस के बीच हुई है।

अमेरिका और चीन के बीच क्यों मची एआई को लेकर होड़?
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका के अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा था कि अमेरिका एआई की दौड़ में चीन से पीछे नहीं रह सकता। उन्होंने अमेरिकी तकनीकी कंपनियों से तकनीक चुराने वाले चीनी लोगों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई का भी आश्वासन दिया था। 
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ब्लांश ने एआई को बेहद लाभकारी तकनीक बताया और इसे नियंत्रित करने या इसकी रफ्तार धीमी करने के लिए न्याय विभाग से जुड़ी मांगों को खारिज कर दिया।

ब्लांश ने कहा, "हम चीन से एआई की दौड़ नहीं हार सकते, है ना? राष्ट्रपति ट्रंप ऐसा कहते हैं, हर कोई ऐसा कहता है, लेकिन वे ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि यह सच है।" उनकी यह टिप्पणी तकनीकी क्षेत्र के नेताओं की उन चेतावनियों से जुड़े सवालों के बाद आई, जिनमें तेजी से विकसित हो रही एआई प्रणालियों से राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य गंभीर जोखिम पैदा होने की आशंका जताई गई है। ब्लांश ने कहा कि न्याय विभाग एआई से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच करेगा, लेकिन वह तकनीक के नियामक की भूमिका नहीं निभाएगा।
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